आज सोचा तो आंसू भर आए!

मेरे यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज मेरे स्वर में प्रस्तुत है लता मंगेशकर जी द्वारा , मदन मोहन जी के संगीत निर्देशन हंसते ज़ख्म के लिए गाई गई कैफी आज़मी साहब की लिखी ये ग़ज़ल-

आज सोचा तो आंसू भर आए,
मुद्दतों हो गईं मुस्कुराए।

आशा है यह आपको पसंद आएगी,
धन्यवाद ।
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