दुनिया को दिखाते हैं चराग़!

गो सियह-बख़्त हैं हम लोग पे रौशन है ज़मीर,
ख़ुद अँधेरे में हैं दुनिया को दिखाते हैं चराग़|

अहमद फ़राज़

Leave a comment