Skip to content

SamaySakshi

A sky full of cotton beads like clouds

    • 81. सरेआम अमानवीयता
    • Activity
    • Members
    • Sample Page
    • Sample Page
    • Sample Page
    • About
    • Contact
  • 15th Apr 2023

    फूल कँवारा लगता है!

    तितली चमन में फूल से लिपटी रहती है, फिर भी चमन में फूल कँवारा लगता है| कैफ़ भोपाली

  • 15th Apr 2023

    इतना बेचारा लगता है!

    किसको ख़बर ये कितनी क़यामत ढाता है, ये लड़का जो इतना बेचारा लगता है| कैफ़ भोपाली

  • 15th Apr 2023

    कौन हमारा लगता है!

    रात हमारे साथ तू जागा करता है, चाँद बता तू कौन हमारा लगता है| कैफ़ भोपाली

  • 15th Apr 2023

    इमली मीठी लगती है!

    तुमसे मिलकर इमली मीठी लगती है, तुमसे बिछड़ कर शहद भी खारा लगता है| कैफ़ भोपाली

  • 15th Apr 2023

    सुब्ह का तारा लगता है!

    तेरा चेहरा सुब्ह का तारा लगता है, सुब्ह का तारा कितना प्यारा लगता है| कैफ़ भोपाली

  • 15th Apr 2023

    जिस ओर करो संकेत!

    लंबे समय के बाद आज फिर से मैं फिल्मों में अपने प्रिय गीतकार, जनकवि स्वर्गीय शैलेंद्र जी का साहित्यिक गीत शेयर कर रहा हूँ| लीजिए आज प्रस्तुत है स्वर्गीय शैलेंद्र जी का यह गीत  – जिस ओर करो संकेत मात्र, उड़ चले विहग मेरे मन का,जिस ओर बहाओ तुम स्वामी, बह चले श्रोत इस जीवन…

  • 14th Apr 2023

    वो आदमी ही नहीं!

    पूछा ‘अकबर’ है आदमी कैसा, हँस के बोले वो आदमी ही नहीं| अकबर इलाहाबादी

  • 14th Apr 2023

    सोसाइटी ही नहीं!

    शिर्क* छोड़ा तो सबने छोड़ दिया, मेरी कोई सोसाइटी ही नहीं| *मूर्तिपूजा, बहुदेव पूजा अकबर इलाहाबादी

  • 14th Apr 2023

    क़द्र-ए-या-अल्लाह!

    आप क्या जानें क़द्र-ए-या-अल्लाह, जब मुसीबत कोई पड़ी ही नहीं| अकबर इलाहाबादी

  • 14th Apr 2023

    उसने की ही नहीं!

    जुरअत-ए-अर्ज़-ए-हाल क्या होती, नज़र-ए-लुत्फ़ उसने की ही नहीं| अकबर इलाहाबादी

←Previous Page
1 … 976 977 978 979 980 … 1,530
Next Page→

Blog at WordPress.com.

Privacy & Cookies: This site uses cookies. By continuing to use this website, you agree to their use.
To find out more, including how to control cookies, see here: Cookie Policy
  • Subscribe Subscribed
    SamaySakshi
    Join 1,132 other subscribers.

    Have a WordPress.com account? Log in now.

  • SamaySakshi
    View site in Reader
    Manage subscriptionsSign upLog in
    Report this content
    Collapse this bar