Skip to content

SamaySakshi

A sky full of cotton beads like clouds

    • 81. सरेआम अमानवीयता
    • Activity
    • Members
    • Sample Page
    • Sample Page
    • Sample Page
    • About
    • Contact
  • 29th May 2026

    वो मोहब्बत का बयाँ हो!

    हम जिसे अपनी ज़बाँ से भी न कहने पाएँ,वो मोहब्बत का बयाँ हो ये ज़रूरी तो नहीं| साहिर होशियारपुरी

  • 29th May 2026

    हर गुलिस्ताँ में ख़िज़ाँ हो!

    मिल ही जाएगी कहीं ढूँढने वाले को बहार,हर गुलिस्ताँ में ख़िज़ाँ हो ये ज़रूरी तो नहीं| साहिर होशियारपुरी

  • 29th May 2026

    वो मेरे सामने ही गया और मैं!

    अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से मैं अपने स्वर में वसीम बरेलवी जी का एक और शेर प्रस्तुत कर रहा हूँ, जिसे जगजीत सिंह जी ने गाया है- आशा है आपको यह पसंद आएगा,धन्यवाद । *****

  • 29th May 2026

    आँख से अश्क रवाँ हो!

    जान-ए-तन्हा पे गुज़र जाएँ हज़ारों सदमे,आँख से अश्क रवाँ हो ये ज़रूरी तो नहीं| साहिर होशियारपुरी

  • 29th May 2026

    हम बेख़ुदी में तुमको पुकारे चले गए

    अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज मैं अपने स्वर में रफी साहब का एक गीत शेयर कर रहा हूँ जिसका विवरण इस प्रकार है- फ़िल्म- काला पानीगीतकार- मजरूह सुल्तानपुरीसंगीतकार- सचिन देव बर्मनगायक- मोहम्मद रफ़ीप्रस्तुति- श्रीकृष्ण शर्मा आशा है आपको यह पसंद आएगा,धन्यवाद। ******

  • 29th May 2026

    हम-नवा दिल की ज़बाँ !

    लब पे हर-वक़्त फ़ुग़ाँ हो ये ज़रूरी तो नहीं,हम-नवा दिल की ज़बाँ हो ये ज़रूरी तो नहीं| साहिर होशियारपुरी

  • 28th May 2026

    आते आते मेरा नाम सा रह गया!

    अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज से मैं आज से मैं क्रमशः वसीम बरेलवी जी की एक ग़ज़ल के शेर पढ़ रहा हूँ जिन्हें जगजीत सिंह जी ने गाया है।आज प्रस्तुत है पहला शेर गायक- जगजीत सिंहशायर- वसीम बरेलवीप्रस्तुति- श्रीकृष्ण शर्मा आशा है आपको ये पसंद आएगा,धन्यवाद। ******

  • 28th May 2026

    ये दुनिया अगर मिल भी जाए तो क्या है!

    अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से मैं अपने स्वर में गुरु दत्त जी की प्रसिद्ध फिल्म प्यासा का यह गीत प्रस्तुत कर रहा हूँ- फ़िल्म- प्यासागीतकार- साहिर लुधियानवीसंगीतकार-सचिन देव बर्मनगायक- मोहम्मद रफ़ीप्रस्तुति- श्रीकृष्ण शर्मा आशा है आपको यह पसंद आएगा,धन्यवाद। ******

  • 28th May 2026

    ग़म-ए-दिल रुख़ से!

    ग़म-ए-दिल रुख़ से अयाँ हो ये ज़रूरी तो नहीं, इश्क़ रुस्वा-ए-जहाँ हो ये ज़रूरी तो नहीं| साहिर होशियारपुरी

  • 28th May 2026

    गा मंगल के गीत सुहागिन!

    आज मैं श्रेष्ठ हिंदी कवि स्वर्गीय राजेंद्र प्रसाद सिंह जी की एक रचना शेयर कर रहा हूँ। इनकी रचनाएं मैंने पहले शायद शेयर नहीं की हैं। आज प्रस्तुत है स्वर्गीय राजेंद्र प्रसाद सिंह जी की यह कविता – गा मंगल के गीत सुहागिन!चौमुख दियरा बाल के! आज शरद की साँझ, अमा केइस जगमग त्योहार में-दीपावली…

←Previous Page
1 … 94 95 96 97 98 … 1,524
Next Page→

Blog at WordPress.com.

Privacy & Cookies: This site uses cookies. By continuing to use this website, you agree to their use.
To find out more, including how to control cookies, see here: Cookie Policy
  • Subscribe Subscribed
    SamaySakshi
    Join 1,136 other subscribers.

    Have a WordPress.com account? Log in now.

  • SamaySakshi
    View site in Reader
    Manage subscriptionsSign upLog in
    Report this content
    Collapse this bar