हम-नवा दिल की ज़बाँ !

लब पे हर-वक़्त फ़ुग़ाँ हो ये ज़रूरी तो नहीं,
हम-नवा दिल की ज़बाँ हो ये ज़रूरी तो नहीं|

साहिर होशियारपुरी

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