A sky full of cotton beads like clouds
ग़म-ए-दिल रुख़ से अयाँ हो ये ज़रूरी तो नहीं,
इश्क़ रुस्वा-ए-जहाँ हो ये ज़रूरी तो नहीं|
साहिर होशियारपुरी
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