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A sky full of cotton beads like clouds

    • 81. सरेआम अमानवीयता
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  • 28th Aug 2023

    आ रहे तुम बनकर!

    आज मैं हिन्दी काव्य मंचों पर अपने गीतों से धूम मचाने वाले स्वर्गीय गोपाल सिंह नेपाली जी का एक गीत शेयर कर रहा हूँ| नेपाली जी की बहुत सी कविताएं मैंने पहले भी शेयर की हैं| लीजिए आज प्रस्तुत है स्वर्गीय गोपाल सिंह नेपाली जी का यह गीत – आ रहे तुम बन कर मधुमासऔर…

  • 27th Aug 2023

    सर सलामत है तो!

    सर सलामत है तो क्या संग-ए-मलामत की कमी, जान बाक़ी है तो पैकान-ए-क़ज़ा और भी हैं| साहिर लुधियानवी

  • 27th Aug 2023

    यारों की ज़बानें चुप हैं!

    क्या हुआ गर मिरे यारों की ज़बानें चुप हैं, मेरे शाहिद* मिरे यारों के सिवा और भी हैं | *Lovers साहिर लुधियानवी

  • 27th Aug 2023

    एक हम ही नहीं!

    अहल-ए-दिल और भी हैं अहल-ए-वफ़ा और भी हैं, एक हम ही नहीं दुनिया से ख़फ़ा और भी हैं| साहिर लुधियानवी

  • 27th Aug 2023

    ख़्वाब सुहाने चूर हुए

    बेदाद-गरों की ठोकर से सब ख़्वाब सुहाने चूर हुए, अब दिल का सहारा ग़म ही तो है अब ग़म का सहारा दिल ही तो है| साहिर लुधियानवी

  • 27th Aug 2023

    ओ प्यासे अधरोंवाली!

    आज एक बार फिर से मैं हिन्दी काव्य मंचों पर गीतों के राजकुंवर के रूप में अपनी पहचान बनाने वाले और हिन्दी फिल्मों को भी कुछ अमर गीत देने वाले स्वर्गीय गोपालदास नीरज जी का एक गीत शेयर कर रहा हूँ| नीरज जी की बहुत सी कविताएं मैंने पहले भी शेयर की हैं| लीजिए आज…

  • 26th Aug 2023

    समझा न इशारा!

    जज़्बात भी हिन्दू होते हैं चाहत भी मुसलमाँ होती है, दुनिया का इशारा था लेकिन समझा न इशारा, दिल ही तो है| साहिर लुधियानवी

  • 26th Aug 2023

    धड़कन रुक जाए!

    इस तरह निगाहें मत फेरो, ऐसा न हो धड़कन रुक जाए, सीने में कोई पत्थर तो नहीं एहसास का मारा, दिल ही तो है| साहिर लुधियानवी

  • 26th Aug 2023

    बेचारा दिल ही तो है!

    भूले से मोहब्बत कर बैठा, नादाँ था बेचारा, दिल ही तो है, हर दिल से ख़ता हो जाती है, बिगड़ो न ख़ुदारा, दिल ही तो है| साहिर लुधियानवी

  • 26th Aug 2023

    कुछ अच्छा नहीं गया!

    अब क्या कहें नुजूमी के बारे में छोड़िए, अपना तो ये बरस भी कुछ अच्छा नहीं गया| *ज्योतिषी राजेश रेड्डी

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