Skip to content

SamaySakshi

A sky full of cotton beads like clouds

    • 81. सरेआम अमानवीयता
    • Activity
    • Members
    • Sample Page
    • Sample Page
    • Sample Page
    • About
    • Contact
  • 7th Oct 2023

    तेरा मिलना भी!

    ऐसे चुप हैं कि ये मंज़िल भी कड़ी हो जैसे, तेरा मिलना भी जुदाई की घड़ी हो जैसे| अहमद फ़राज़

  • 7th Oct 2023

    सदा क्यूँ नहीं देते!

    क्या बीत गई अब के ‘फ़राज़’ अहल-ए-चमन* पर, यारान-ए-क़फ़स** मुझको सदा क्यूँ नहीं देते| *उद्यान के निवासी, **पिंजरे के साथी अहमद फ़राज़

  • 7th Oct 2023

    पता क्यूँ नहीं देते!

    रहज़न हो तो हाज़िर है मता-ए-दिल-ओ-जाँ भी, रहबर हो तो मंज़िल का पता क्यूँ नहीं देते| अहमद फ़राज़

  • 7th Oct 2023

    मुजरिम हैं अगर हम!

    मुंसिफ़ हो अगर तुम तो कब इंसाफ़ करोगे, मुजरिम हैं अगर हम तो सज़ा क्यूँ नहीं देते| अहमद फ़राज़

  • 7th Oct 2023

    दर्द बढ़ा क्यूँ नहीं देते!

    इक ये भी तो अंदाज़-ए-इलाज-ए-ग़म-ए-जाँ है, ऐ चारागरो दर्द बढ़ा क्यूँ नहीं देते| अहमद फ़राज़

  • 7th Oct 2023

    दुआ क्यूँ नहीं देते!

    ख़ामोश हो क्यूँ दाद-ए-जफ़ा क्यूँ नहीं देते, बिस्मिल* हो तो क़ातिल को दुआ क्यूँ नहीं देते| *ज़ख्मी अहमद फ़राज़

  • 7th Oct 2023

    किस दिल से आए हैं!

    उठ कर तो आ गए हैं तिरी बज़्म से मगर, कुछ दिल ही जानता है कि किस दिल से आए हैं| फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ 

  • 7th Oct 2023

    अनल किरीट!

    आज एक बार फिर से मैं राष्ट्रकवि स्वर्गीय रामधारी सिंह दिनकर जी की एक ओजपूर्ण कविता शेयर कर रहा हूँ, जो उनके संकलन ‘हुंकार’ से ली गई है| दिनकर जी की बहुत सी रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं| लीजिए आज प्रस्तुत है स्वर्गीय रामधारी सिंह दिनकर जी की यह कविता – लेना अनल-किरीट…

  • 6th Oct 2023

    हम घूम फिर के!

    हर इक क़दम अजल था हर इक गाम ज़िंदगी, हम घूम फिर के कूचा-ए-क़ातिल से आए हैं| फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ 

  • 6th Oct 2023

    महफ़िल से आए हैं!

    शम-ए-नज़र ख़याल के अंजुम जिगर के दाग़, जितने चराग़ हैं तिरी महफ़िल से आए हैं| फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ 

←Previous Page
1 … 844 845 846 847 848 … 1,531
Next Page→

Blog at WordPress.com.

Privacy & Cookies: This site uses cookies. By continuing to use this website, you agree to their use.
To find out more, including how to control cookies, see here: Cookie Policy
  • Subscribe Subscribed
    SamaySakshi
    Join 1,133 other subscribers.

    Have a WordPress.com account? Log in now.

  • SamaySakshi
    View site in Reader
    Manage subscriptionsSign upLog in
    Report this content
    Collapse this bar