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SamaySakshi

A sky full of cotton beads like clouds

    • 81. सरेआम अमानवीयता
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  • 19th Jun 2023

    आँखों में आँसू आए!

    उस ने छू कर मुझे पत्थर से फिर इंसान किया, मुद्दतों बा’द मिरी आँखों में आँसू आए|    बशीर बद्र

  • 19th Jun 2023

    शोख़ को जादू आए!

    उसकी बातें कि गुल-ओ-लाला पे शबनम बरसे, सब को अपनाने का उस शोख़ को जादू आए| बशीर बद्र

  • 19th Jun 2023

    तीर खाया हुआ जैसे!

    इन दिनों आप का आलम भी अजब आलम है, तीर खाया हुआ जैसे कोई आहू* आए| *हिरण बशीर बद्र

  • 19th Jun 2023

    भुला क्यूँ नहीं देते!

    आज मैं प्रसिद्ध शायर और भारतीय फिल्मों में अनेक लोकप्रिय गीतों की सौगात देने वाले श्री हसरत जयपुरी जी की एक ग़ज़ल प्रस्तुत कर रहा हूँ| हसरत जयपुरी जी की बहुत सी रचनाएँ मैंने पहले भी शेयर की हैं| लीजिए आज प्रस्तुत है श्री हसरत जयपुरी जी की यह रचना  –   जब प्यार नहीं…

  • 18th Jun 2023

    ये दुआ माँगी थी!

    मैंने दिन रात ख़ुदा से ये दुआ माँगी थी, कोई आहट न हो दर पर मिरे जब तू आए| बशीर बद्र

  • 18th Jun 2023

    फूल से बाज़ू आए!

    वक़्त-ए-रुख़्सत कहीं तारे कहीं जुगनू आए, हार पहनाने मुझे फूल से बाज़ू आए| बशीर बद्र

  • 18th Jun 2023

    तिरी ख़ुशबू आए!

    मेरी आँखों में तिरे प्यार का आँसू आए, कोई ख़ुशबू मैं लगाऊँ तिरी ख़ुशबू आए| बशीर बद्र

  • 18th Jun 2023

    उदासी से भर गए होते!

    बहुत दिनों से है दिल अपना ख़ाली ख़ाली सा, ख़ुशी नहीं तो उदासी से भर गए होते| बशीर बद्र

  • 18th Jun 2023

    तुम भी आ के लौट गए!

    अजीब रात थी कल तुम भी आ के लौट गए, जब आ गए थे तो पल भर ठहर गए होते| बशीर बद्र

  • 18th Jun 2023

    फूल चुन लिए वर्ना!

    ग़ज़ल ने बहते हुए फूल चुन लिए वर्ना, ग़मों में डूब कर हम लोग मर गए होते| बशीर बद्र

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