Skip to content

SamaySakshi

A sky full of cotton beads like clouds

    • 81. सरेआम अमानवीयता
    • Activity
    • Members
    • Sample Page
    • Sample Page
    • Sample Page
    • About
    • Contact
  • 10th Aug 2023

    तिरा दीदार करूँ!

    तू क़रीब आए तो क़ुर्बत का यूँ इज़हार करूँ, आइना सामने रख कर तिरा दीदार करूँ| निदा फ़ाज़ली

  • 10th Aug 2023

    मेरे लिए जगह करो!

    मेरी नशिस्त पे भी कल आएगा कोई दूसरा, तुम भी बना के रास्ता मेरे लिए जगह करो| निदा फ़ाज़ली

  • 10th Aug 2023

    न कहे सुना करो!

    दिल में जिसे बसाओ तुम चाँद उसे बनाओ तुम, वो जो कहे पढ़ा करो जो न कहे सुना करो| निदा फ़ाज़ली

  • 10th Aug 2023

    देखो ये शहर है अजब

    देखो ये शहर है अजब दिल भी नहीं है कम ग़ज़ब, शाम को घर जो आऊँ मैं थोड़ा सा सज लिया करो| निदा फ़ाज़ली

  • 10th Aug 2023

    उसके लिए दुआ करो!

    शोहरत भी उसके साथ है दौलत भी उसके हाथ है, ख़ुद से भी वो मिले कभी उसके लिए दुआ करो| निदा फ़ाज़ली

  • 10th Aug 2023

    हिमाद्रि तुंग शृंग से!

    श्रेष्ठ कवियों की कविताएं शेयर करने के क्रम में एक बार फिर से मैं छायावाद युग के एक प्रमुख स्तंभ स्वर्गीय जयशंकर प्रसाद जी की कविता शेयर कर रहा हूँ| प्रसाद जी को प्रकृति, देशभक्ति और ओज के सशक्त कवि के रूप में जाना जाता है| लीजिए आज प्रस्तुत है स्वर्गीय जयशंकर प्रसाद जी की…

  • 9th Aug 2023

    घर में ख़ुदा ख़ुदा करो!

    अच्छी नहीं ये ख़ामुशी शिकवा करो गिला करो, यूँ भी न कर सको तो फिर घर में ख़ुदा ख़ुदा करो| निदा फ़ाज़ली

  • 9th Aug 2023

    आग छुपा दी जाए!

    हमसे पूछो कि ग़ज़ल क्या है ग़ज़ल का फ़न क्या, चंद लफ़्ज़ों में कोई आग छुपा दी जाए| जाँ निसार अख़्तर 

  • 9th Aug 2023

    जाड़े की गुलाबी रातें!

    कम नहीं नश्शे में जाड़े की गुलाबी रातें, और अगर तेरी जवानी भी मिला दी जाए| जाँ निसार अख़्तर

  • 9th Aug 2023

    क्यूँ न खिलते हुए!

    इन्हीं गुल-रंग दरीचों से सहर झाँकेगी, क्यूँ न खिलते हुए ज़ख़्मों को दुआ दी जाए| जाँ निसार अख़्तर

←Previous Page
1 … 750 751 752 753 754 … 1,395
Next Page→

Blog at WordPress.com.

Privacy & Cookies: This site uses cookies. By continuing to use this website, you agree to their use.
To find out more, including how to control cookies, see here: Cookie Policy
  • Subscribe Subscribed
    • SamaySakshi
    • Join 1,143 other subscribers.
    • Already have a WordPress.com account? Log in now.
    • SamaySakshi
    • Subscribe Subscribed
    • Sign up
    • Log in
    • Report this content
    • View site in Reader
    • Manage subscriptions
    • Collapse this bar