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हर ओर कलियुग के चरण!
सभी को पुनीत पर्व होली की हार्दिक शुभ कामनाएं। आज एक बार फिर मैं श्रेष्ठ हिंदी गीतकार स्वर्गीय भारत भूषण जी की एक रचना शेयर कर रहा हूँ। भारत भूषण जी की बहुत सी रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं। लीजिए आज प्रस्तुत है स्वर्गीय भारत भूषण जी का यह गीत– हर ओर कलियुग…
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एक झोंका इस तरह!
एक झोंका इस तरह ज़ंजीर-ए-दर खड़का गया, मैं ये समझा भूलने वाले को मैं याद आ गया| नज़ीर बनारसी
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बज़्म से उठाता है!
जगह जो दिल में नहीं है मिरे लिए न सही,मगर ये क्या कि भरी बज़्म से उठाता है| शहरयार
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प्याला प्रेम का-2
अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से मैं अपने स्वर में सोम ठाकुर जी के प्रसिद्ध गीत -ये प्याला प्रेम का प्याला है’ का दूसरा भाग प्रस्तुत कर रहा हूँ- आशा है आपको यह पसंद आएगा,धन्यवाद। *****
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और आहिस्ता कीजिए बातें!
अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज मैं अपने स्वर में, पंकज उधास जी का गाया एक भावपूर्ण गीत प्रस्तुत कर रहा हूँ जिसे ज़फर गोरखपुरी जी ने लिखा है – और आहिस्ता कीजिए बातें, धड़कने कोई सुन रहा होगा! आशा है आपको यह पसंद आएगा,धन्यवाद। ********
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प्रेम का प्याला!
आज एक बार फिर मैं श्रेष्ठ हिंदी गीतकार श्री सोम ठाकुर जी की एक रचना शेयर कर रहा हूँ। सोम ठाकुर जी की बहुत सी रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं। लीजिए आज प्रस्तुत है श्री सोम ठाकुर जी की यह मधुर गीत– ये प्याला प्रेम का प्याला है,तू नाच के और नचाकर पीखुल-खेल…