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SamaySakshi

A sky full of cotton beads like clouds

    • 81. सरेआम अमानवीयता
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  • 4th Jul 2026

    रे मन!

    आज मैं श्रेष्ठ हिंदी कवि स्वर्गीय सोहनलाल द्विवेदी जी की एक रचना शेयर कर रहा हूँ। द्विवेदी जी की अनेक रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं। आज प्रस्तुत हैं स्वर्गीय सोहनलाल द्विवेदी जी का यह गीत- प्रबल झंझावत में तूबन अचल हिमवान रे मन। हो बनी गम्भीर रजनी,सूझती हो न अवनी,ढल न अस्ताचल अतल…

  • 3rd Jul 2026

    तुम ने भी तो छज्जे ऊपर!

    तुम भी लिखना तुम ने उस शब कितनी बार पिया पानी,तुम ने भी तो छज्जे ऊपर देखा होगा पूरा चाँद| निदा फ़ाज़ली

  • 3rd Jul 2026

    परदेसी सूनी आँखों में!

    परदेसी सूनी आँखों में शो’ले से लहराते हैं,भाभी की छेड़ों सा बादल आपा की चुटकी सा चाँद| निदा फ़ाज़ली

  • 3rd Jul 2026

    रात और दिन दिया जले !

    मेरे यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज प्रस्तुत है मेरे स्वर में यह गीत- रात और दिन दिया जले मेरे मन में फिर भी अँधियारा है !फिल्म- रात और दिन मुख्य कलाकार- प्रदीप कुमार, नर्गिस, फिरोज़ खानगीतकार- हसरत जयपुरीसंगीतकार- शंकर जयकिशन गायक- मुकेश प्रस्तुति- श्रीकृष्ण शर्मा आशा है आपको यह पसंद आएगा,धन्यवाद। *****

  • 3rd Jul 2026

    घंटों चूमा होगा चाँद!

    मुझ से पूछो कैसे काटी मैं ने पर्बत जैसी रात,तुम ने तो गोदी में ले कर घंटों चूमा होगा चाँद| निदा फ़ाज़ली

  • 3rd Jul 2026

    मुन्नी की भोली बातों सी!

    मुन्नी की भोली बातों सी चटकीं तारों की कलियाँ,पप्पू की ख़ामोश शरारत सा छुप छुप कर उभरा चाँद| निदा फ़ाज़ली

  • 3rd Jul 2026

    दूध कटोरे जैसा चाँद!

    नील-गगन में तैर रहा है उजला उजला पूरा चाँद,माँ की लोरी सा बच्चे के दूध कटोरे जैसा चाँद| निदा फ़ाज़ली

  • 3rd Jul 2026

    रूह में जल उठे!

    मेरे यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज प्रस्तुत है मेरे स्वर में साहिर लुधियानवी जी के लिखे गीत ‘आप आए तो खयाल ए दिल ए नाशाद आया’ का यह अंश- रूह में जल उठे बुझती हुई यादों के दिये!फिल्म-गुमराहमुख्य कलाकार- अशोक कुमार, सुनील दत्त, माला सिन्हा, निरुपा रॉय आदिगीतकार- साहिर लुधियानवीसंगीतकार- रविगायक- महेंद्र कपूरप्रस्तुति- श्रीकृष्ण…

  • 3rd Jul 2026

    एक साथ कैसे निभ पाए!

    आज मैं श्रेष्ठ हिंदी कवियित्री सुश्री स्नेहलता स्नेह जी की एक रचना शेयर कर रहा हूँ। स्नेह जी की अधिक रचनाएं मैंने पहले शेयर नहीं की हैं। आज प्रस्तुत हैं सुश्री स्नेहलता स्नेह जी का यह गीत- जितना नूतन प्यार तुम्हारा, उतनी मेरी व्यथा पुरानीएक साथ कैसे निभ पाए, सूना द्वार और अगवानी। तुमने जितनी…

  • 2nd Jul 2026

    कौन रुख़्सत हुआ!

    कौन रुख़्सत हुआ ख़ुदाई से,हर तरफ़ ये ख़ुदा ख़ुदा क्या है| निदा फ़ाज़ली

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