Skip to content

SamaySakshi

A sky full of cotton beads like clouds

    • 81. सरेआम अमानवीयता
    • Activity
    • Members
    • Sample Page
    • Sample Page
    • Sample Page
    • About
    • Contact
  • 2nd Jul 2026

    तेरा तजरबा क्या है!

    जो किताबों में है वो सब का है,तू बता तेरा तजरबा क्या है| निदा फ़ाज़ली

  • 2nd Jul 2026

    आपकी आंखों में कुछ

    मेरे यूट्यूब चैनल के माध्यम सेआज प्रस्तुत है मेरे स्वर में यह गीत- आपकी आंखों में कुछ महके हुए से राज़ हैं !फिल्म- घर मुख्य कलाकार- विनोद मेहरा, रेखागीतकार- गुलज़ार संगीतकार- राहुल देव बर्मन गायक- किशोर कुमार, लता मंगेशकर प्रस्तुति- श्रीकृष्ण शर्मा आशा है आपको यह पसंद आएगा,धन्यवाद। ******

  • 2nd Jul 2026

    इब्तिदा क्या है!

    चलता जाता है कारवान-ए-हयात, इब्तिदा क्या है इंतिहा क्या है| निदा फ़ाज़ली

  • 2nd Jul 2026

    सब हैं मसरूफ़!

    सब हैं मसरूफ़ कौन बतलाए,आदमी का अता-पता क्या है| निदा फ़ाज़ली

  • 2nd Jul 2026

    आपके लब पे कभी!

    मेरे यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज प्रस्तुत है मेरे स्वर में गीत ‘आप आए तो खयाल ए दिल ए नाशाद आया’ का अगला भाग- आपके लब पे कभी अपना भी नाम आया था!फिल्म-गुमराहमुख्य कलाकार- अशोक कुमार, सुनील दत्त, माला सिन्हा, निरुपा रॉय आदिगीतकार- साहिर लुधियानवीसंगीतकार- रविगायक- महेंद्र कपूरप्रस्तुति- श्रीकृष्ण शर्मा आशा है आपको यह…

  • 2nd Jul 2026

    उन्हें घर मुबारक हमें अपनी आहें!

    आज अपनी एक पुरानी पोस्ट दोहरा रहा हूँ। काफी दिन से मैंने अपने प्रिय गायक मुकेश जी का कोई गीत शेयर नहीं किया था, आज कर लेता हूँ| जी हाँ ये गीत है 1958 में रिलीज़ हुई फिल्म- ‘परवरिश’ का, गीत लिखा है- हसरत जयपुरी जी ने और इसका संगीत दिया है- दत्ताराम जी ने|…

  • 1st Jul 2026

    वाक़िआ’ क्या है!

    ये न पूछो कि वाक़िआ’ क्या है,किस की नज़रों का ज़ाविया* क्या है|*नज़रिया निदा फ़ाज़ली

  • 1st Jul 2026

    बड़ी मस्तानी है मेरी महबूबा !

    मेरे यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज प्रस्तुत है मेरे स्वर में यह गीत- आने से उसके आए बहार, जाने से उसके जाए बहार, बड़ी मस्तानी है मेरी महबूबा !फिल्म- जीने की राह मुख्य कलाकार- जितेन्द्र और तनूजागीतकार- आनंद बक्षी संगीतकार- लक्ष्मीकांत प्यारेलाल गायक- मोहम्मद रफ़ी प्रस्तुति- श्रीकृष्ण शर्मा आशा है आपको यह पसंद आएगा,धन्यवाद!…

  • 1st Jul 2026

    शब तो बस एक थी!

    ठंडी हवाएँ महकी फ़ज़ा नर्म चाँदनी, शब तो बस एक थी जो तिरे साथ काट दी| ताहिर फ़राज़

  • 1st Jul 2026

    हालाँकि हम मिले थे!

    हालाँकि हम मिले थे बड़ी मुद्दतों के बा’द,औक़ात की कमी ने मुलाक़ात काट दी| ताहिर फ़राज़

←Previous Page
1 … 71 72 73 74 75 … 1,523
Next Page→

Blog at WordPress.com.

Privacy & Cookies: This site uses cookies. By continuing to use this website, you agree to their use.
To find out more, including how to control cookies, see here: Cookie Policy
  • Subscribe Subscribed
    SamaySakshi
    Join 1,136 other subscribers.

    Have a WordPress.com account? Log in now.

  • SamaySakshi
    View site in Reader
    Manage subscriptionsSign upLog in
    Report this content
    Collapse this bar