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छाया मत छूना मन !
आज एक पुरानी पोस्ट शेयर कर रहा हूँ। एक घटना पर टिप्पणी करने का मन हो रहा है। इस घटना के पात्र हैं सदी के महानायक श्री अमिताभ बच्चन और आज के लोकप्रिय कवि डॉ. कुमार विश्वास । घटना के बारे में चर्चा करने से पहले, इन दोनों पात्रों के बारे में कुछ बात कर…
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दुख के कंकर चुनता हूँ!
मेरे यूट्यूब चैनल के माध्यम से प्रस्तुत है नासिर काज़मी जी की ग़ज़ल का एक और शेर जिसे ग़ुलाम अली जी ने गाया है- तेरी गली में सारा दिन, दुख के कंकर चुनता हूँ! आशा है आपको यह पसंद आएगा, धन्यवाद । ******
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जाने कहाँ गए वो दिन!
मेरे यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज प्रस्तुत है मेरे स्वर में यह प्रसिद्ध गीत- जाने कहाँ गए वो दिन कहते थे तेरी राह में नज़रों को हम बिछायेंगे!फिल्म- मेरा नाम जोकर मुख्य कलाकार- राज कपूर, सिमी, पद्मिनी, मनोज कुमार, राजेन्द्र कुमार, धर्मेंद्र, दारा सिंह, रिशी कपूर आदि गीतकार- हसरत जयपुरी संगीतकार- शंकर जयकिशन गायक-…
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क्षण-क्षण की छैनी से!
आज मैं श्रेष्ठ हिंदी कवि स्वर्गीय हरीश भादानी जी की एक रचना शेयर कर रहा हूँ। भादानी जी की कुछ रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं। आज प्रस्तुत हैं स्वर्गीय हरीश भादानी जी का यह गीत- क्षण-क्षण की छैनी सेकाटो तो जानूँ! पसर गया हैघेर शहर कोभरमों का संगमूसातीखे-तीखे शब्द सम्हालेजड़े सुराखो तो जानूँ!…
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तेरी गली में सारा दिन!
मेरे यूट्यूब चैनल के माध्यम से प्रस्तुत है ग़ुलाम अली जी की गायी ग़ज़ल ‘अपनी धुन में रहता हूँ’ का एक और शेर –तेरी गली में सारा दिन दुख के कंकर चुनता हूँ!शायर- नासिर काज़मी गायक- ग़ुलाम अली आशा है आपको यह पसंद आएगा,धन्यवाद । *****