-
ख़ुशियों का लोभ न दो!
हम को इन सस्ती ख़ुशियों का लोभ न दो, हम ने सोच समझ कर ग़म अपनाया है| साहिर लुधियानवी
-
बोगनबेलिया!
आज एक बार फिर मैं प्रसिद्ध कवि और संपादक स्वर्गीय कन्हैयालाल नंदन जी का एक गीत शेयर कर रहा हूँ| इनकी कुछ रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं| लीजिए आज प्रस्तुत है स्वर्गीय कन्हैयालाल नंदन जी का यह गीत – ओ पियाआग लगाए बोगनबेलिया! पूनम के आसमान मेंबादल छाया,मन का जैसेसारा दर्द छितराया,सिहर-सिहर उठता…
-
दुख की धूप के आगे!
सदियों से इंसान ये सुनता आया है, दुख की धूप के आगे सुख का साया है| साहिर लुधियानवी
-
ये जीवन है!
मैंने ब्लॉग लेखन प्रारंभ किया था लगभग 7 वर्ष पहले| प्रारंभ में मैंने अपने जीवन, सेवाकाल, कविता की दुनिया, कवि मित्रों आदि के विषय में संस्मरण आदि लिखे, श्रेष्ठ कवियों की कविताएं, शायरी आदि को तो मैं शेयर करता ही रहता हूँ, जब कहीं जाने का अवसर मिलता है तो यात्रा संबंधी अनुभव भी शेयर…
-
बिगड़ गया जो ये!
बिगड़ गया जो ये नक़्शा हवस के हाथों से, तो फिर किसी के सँभाले नहीं सँभलने का| शहरयार