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मनाया न जश्न ख़ुश्बू का!
फिर इस के बाद मनाया न जश्न ख़ुश्बू का,लहू में डूबी थी फ़स्ल-ए-बहार क्या करते| अज़हर इक़बाल
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चर्चा बादलों पर!
प्रस्तुत है आज का यह गीत, आप सुधीजनों की सम्मति चाहूंगा- आया है बारिश का मौसम करो चर्चा बादलों पर। दोष दो या दो दुआएं कुछ असर इन पर न होगा श्रमिक हैं ये तो प्रकृति के करें जो आदेश होगा, ले कभी जल भार चलते या कभी रीते कनस्तर। रूई के फाहे सरीखे कभी…
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आवारा हूँ!
मेरे यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज प्रस्तुत है मेरे स्वर में यह प्रसिद्ध गीत- आवारा हूँ, या गर्दिश में हूँ आसमान का तारा हूँ !फिल्म- आवारा मुख्य कलाकार- राज कपूर, नर्गिस गीतकार- शैलेन्द्र संगीतकार- शंकर जयकिशन गायक- मुकेश प्रस्तुति- श्रीकृष्ण शर्मा आशा है आपको यह पसंद आएगा,धन्यवाद। ******
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वही सवाल मियाँ !
बस एक सुकूत* ही जिस का जवाब होना था,वही सवाल मियाँ बार बार क्या करते|*मौन अज़हर इक़बाल
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तिरे बग़ैर समुंदर को!
सफ़ीना ग़र्क़ ही करना पड़ा हमें आख़िर,तिरे बग़ैर समुंदर को पार क्या करते| अज़हर इक़बाल
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तेरे हिसार से ख़ुद को !
हुई न ख़त्म तेरी रहगुज़ार क्या करते,तेरे हिसार* से ख़ुद को फ़रार क्या करते|*किला, अहाता अज़हर इक़बाल
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कोई टूटा हुआ पत्ता!
पहन लेती हैं जब शाख़ें हरे मौसम के पैराहन,कोई टूटा हुआ पत्ता उठा कर देख लेता हूँ| नज़ीर क़ैसर
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मैं उस बेदर्द के दिल को!
कभी करना हो अंदाज़ा जब अपने दर्द का मुझ को,मैं उस बेदर्द के दिल को दुखा कर देख लेता हूँ| नज़ीर क़ैसर
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तेरी दुनिया में दिल लगता नहीं!
मेरे यूट्यूब चैनल के माध्यम से प्रस्तुत है मेरे स्वर में यह गीत- तेरी दुनिया में दिल लगता नहीं, वापस बुला ले मैं सजदे में गिरा हूँ!फिल्म- बावरे नैनमुख्य कलाकार- राज कपूर, नर्गिस गीतकार- केदार शर्मा संगीतकार- रोशन गायक- मुकेश प्रस्तुति- श्रीकृष्ण शर्मा आशा है आपको यह पसंद आएगा,धन्यवाद। ******