-
इक शोर उठा, पानी!
पर्वत के ज़ुबां फूटी, इक शोर उठा, पानी!मन्ज़र पे बना मन्ज़र, पानी पे गिरा पानी। सूर्यभानु गुप्त
-
ढूँढ़े न मिला पानी!
आँखों में पड़े छाले, छालों से बहा पानी,इस दौर के सहरा में, ढूँढ़े न मिला पानी। सूर्यभानु गुप्त
-
स्वामी नारायण मंदिर, आबू धाबी!
दुबई में यह पहला सप्ताहांत, रविवार का दिन, 26 जनवरी, सुबह टी.वी. पर गणतंत्र दिवस की परेड देखी और उसके बाद नाश्ता करके लगभग 12 बजे, भारतीय समय 1-30 बजे के आसपास आबू धाबी की ओर रवाना हुए, स्वामी नारायण मंदिर देखने के लिए, जो घर से लगभग 85 किलोमीटर है। भारत में जहाँ अधिकतर…
-
ख़याल दिल को मिरे!
गुज़र गया वो ज़माना कहूँ तो किस से कहूँ,ख़याल दिल को मिरे सुब्ह ओ शाम किस का था| दाग़ देहलवी
-
तुम्हारी बज़्म में कल!
न पूछ-गछ थी किसी की वहाँ न आव-भगत,तुम्हारी बज़्म में कल एहतिमाम किस का था| दाग़ देहलवी
-
दुबई इस बार!
एक बार फिर से दुबई में हैं, पिछली बार लगभग 9 वर्ष पहले दुबई की यात्रा की थी, तब हम गुडगांव से आए थे, दुबई एयरपोर्ट पर लैंड हुए थे और हमारा बेटा उस समय शारजाह में रहता था जो हमें दुबई एयरपोर्ट से शारजाह में अपने घर लेकर गया था, जो शायद सातवें माले…
-
कलाम किस का था!
वफ़ा करेंगे निबाहेंगे बात मानेंगे,तुम्हें भी याद है कुछ ये कलाम किस का था| दाग़ देहलवी
-
ये काम किस का था!
वो क़त्ल कर के मुझे हर किसी से पूछते हैं, ये काम किस ने किया है ये काम किस का था| दाग़ देहलवी