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घोषणापत्र!
आज मैं हिंदी के श्रेष्ठ कवि स्वर्गीय कन्हैयालाल नंदन जी की एक रचना शेयर कर रहा हूँ। नंदन जी की बहुत सी रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं। लीजिए आज प्रस्तुत है स्वर्गीय कन्हैयालाल नंदन जी की यह कविता– किसी नागवार गुज़रती चीज परमेरा तड़प कर चौंक जाना,उबल कर फट पड़नाया दर्द से छटपटानाकमज़ोरी…
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क़लम तलवार हो जाए!
सलाम उस पर अगर ऐसा कोई फ़नकार हो जाए, सियाही ख़ून बन जाए क़लम तलवार हो जाए| कैफ़ भोपाली
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सर्कस में बंदर!
अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से मैं आज अपने स्वर में शैल चतुर्वेदी जी की एक हास्य कविता का अंश प्रस्तुत कर रहा हूँ 9युट्यूब शॉर्ट में एक मिनट की समय सीमा होती है इसीलिए अंश प्रस्तुत कर पाते हैं)- – आशा है आपको यह पसंद आएगा, धन्यवाद । ******
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इतनी मुद्दत बाद मिले हो!
अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज मैं मोहसिन नक़वी जी की लिखी एक प्रसिद्ध ग़ज़ल अपने स्वर में प्रस्तुत कर रहा हूँ जिसे गुलाम अली जी ने गाया है- इतनी मुद्दत बाद मिले हो, किन सोचों में गुम रहते हो! आशा है आपको यह पसंद आएगी, धन्यवाद। *******