Skip to content

SamaySakshi

A sky full of cotton beads like clouds

    • 81. सरेआम अमानवीयता
    • Activity
    • Members
    • Sample Page
    • Sample Page
    • Sample Page
    • About
    • Contact
  • 12th Apr 2026

    कुछ नहीं मेरा मौजूद!

    अक्स मौजूद न साया मौजूद,मुझ में अब कुछ नहीं मेरा मौजूद। राजेश रेड्डी

  • 12th Apr 2026

    एक लंबी देह वाला दिन!

    आज मैं श्रेष्ठ हिंदी कवि स्वर्गीय तारादत्त निर्विरोध जी की एक रचना शेयर कर रहा हूँ। इनकी अधिक रचनाएं मैंने पहले शेयर नहीं की हैं। लीजिए आज प्रस्तुत है स्वर्गीय तारादत्त निर्विरोध जी का यह गीत– थक गया हर शब्दअपनी यात्रा में,आंकड़ों को जोड़ता दिनदफ्तरों तक रह गया। मन किसी अंधे कुएं मेंखोजने को जलकागज़ों…

  • 11th Apr 2026

    शर्म से दोहरा हो जाएगा !

    शर्म से दोहरा हो जाएगा कान पड़ा वो बुंदा भी,बाद-ए-सबा के लहजे में इक बात में ऐसी पूछूँगा| अमजद इस्लाम अमजद

  • 11th Apr 2026

    तेरे दयार-ए-हुस्न पे मैं!

    बे-मौसम बारिश की सूरत देर तलक और दूर तलक,तेरे दयार-ए-हुस्न पे मैं भी किन-मिन किन-मिन बरसूँगा| अमजद इस्लाम अमजद

  • 11th Apr 2026

    तुझ को भीगा देखूँगा!

    बादल ओढ़ के गुज़रूँगा मैं तेरे घर के आँगन से,क़ौस-ए-क़ुज़ह के सब रंगों में तुझ को भीगा देखूँगा| अमजद इस्लाम अमजद

  • 11th Apr 2026

    रंज़ इसका नहीं कि हम टूटे!

    मेरे यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज प्रस्तुत है श्री सूर्यभानु गुप्त जी की ग़ज़ल के कुछ शेर- आशा है आपको यह पसंद आएंगे, धन्यवाद। *****

  • 11th Apr 2026

    ख़्वाब मुसाफ़िर लम्हों के हैं!

    ख़्वाब मुसाफ़िर लम्हों के हैं साथ कहाँ तक जाएँगे,तुम ने बिल्कुल ठीक कहा है मैं भी अब कुछ सोचूँगा| अमजद इस्लाम अमजद

  • 11th Apr 2026

    महबूब मेरे, महबूब मेरे!

    अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज मैं अपने स्वर में ‘पत्थर के सनम’ फिल्म के लिए मुकेश जी का गाया यह गीत प्रस्तुत कर रहा हूँ- महबूब मेरे, महबूब मेरे, तू है तो दुनिया कितनी हसीं है! आशा है आपको यह पसंद आएगा,धन्यवाद। ******

  • 11th Apr 2026

    कब से तुम गा रहे!

    आज मैं श्रेष्ठ हिंदी कवि स्वर्गीय ठाकुरप्रसाद सिंह जी की एक रचना शेयर कर रहा हूँ। इनकी कुछ रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं। लीजिए आज प्रस्तुत है स्वर्गीय ठाकुरप्रसाद सिंह जी का यह नवगीत– कब से तुम गा रहे, कब से तुम गा रहेकब से तुम गा रहे ! जाल धर आए हो…

  • 10th Apr 2026

    हम बारिश में भीगे थे!

    जिस तन्हा से पेड़ के नीचे हम बारिश में भीगे थे, तुम भी उस को छू के गुज़रना मैं भी उस से लिपटूँगा| अमजद इस्लाम अमजद

←Previous Page
1 … 35 36 37 38 39 … 1,431
Next Page→

Blog at WordPress.com.

Privacy & Cookies: This site uses cookies. By continuing to use this website, you agree to their use.
To find out more, including how to control cookies, see here: Cookie Policy
  • Subscribe Subscribed
    • SamaySakshi
    • Join 1,132 other subscribers.
    • Already have a WordPress.com account? Log in now.
    • SamaySakshi
    • Subscribe Subscribed
    • Sign up
    • Log in
    • Report this content
    • View site in Reader
    • Manage subscriptions
    • Collapse this bar