Skip to content

SamaySakshi

A sky full of cotton beads like clouds

    • 81. सरेआम अमानवीयता
    • Activity
    • Members
    • Sample Page
    • Sample Page
    • Sample Page
    • About
    • Contact
  • 25th Apr 2025

    हम भी उलझे थे!

    नौ-गिरफ़्तार-ए-वफ़ा सई-ए-रिहाई है अबस,हम भी उलझे थे बहुत दाम से पहले पहले| अहमद फ़राज़

  • 25th Apr 2025

    साक़िया एक नज़र!

    साक़िया एक नज़र जाम से पहले पहले,हम को जाना है कहीं शाम से पहले पहले| अहमद फ़राज़

  • 25th Apr 2025

    यह फागुनी हवा!

    आज मैं विख्यात आंचलिक कथाकार और श्रेष्ठ कवि स्वर्गीय फणीश्वर नाथ रेणु जी की एक कविता शेयर कर रहा हूँ। रुणु जी की अधिक रचनाएं मैंने पहले शेयर नहीं की हैं। लीजिए आज प्रस्तुत है स्वर्गीय स्वर्गीय फणीश्वर नाथ रेणु जी की यह कविता– यह फागुनी हवामेरे दर्द की दवाले आई…ई…ई…ईमेरे दर्द की दवा! आंगन…

  • 24th Apr 2025

    हम अपने राज़ पे!

    हम अपने राज़ पे नाज़ाँ थे शर्मसार न थे,हर एक से सुख़न-ए-राज़-दार करते रहे| फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

  • 24th Apr 2025

    इंतिज़ार करते रहे!

    वो दिन कि कोई भी जब वज्ह-ए-इन्तिज़ार न थी,हम उन में तेरा सिवा इंतिज़ार करते रहे| फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

  • 24th Apr 2025

    ख़याल-ए-यार कभी!

    ख़याल-ए-यार कभी ज़िक्र-ए-यार करते रहे,इसी मताअ’ पे हम रोज़गार करते रहे| फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

  • 24th Apr 2025

    रह-ए-ख़िज़ाँ में !

    रह-ए-ख़िज़ाँ में तलाश-ए-बहार करते रहे,शब-ए-सियह से तलब हुस्न-ए-यार करते रहे| फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

  • 24th Apr 2025

    मानी नहीं जाती!

    ब-जुज़ दीवानगी वाँ और चारा ही कहो क्या है,जहाँ अक़्ल ओ ख़िरद की एक भी मानी नहीं जाती| फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

  • 24th Apr 2025

    बहुत जानी हुई सूरत!

    मिरी चश्म-ए-तन-आसाँ को बसीरत मिल गई जब से,बहुत जानी हुई सूरत भी पहचानी नहीं जाती| फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

  • 24th Apr 2025

    हैरानी नहीं जाती!

    कई बार इस की ख़ातिर ज़र्रे ज़र्रे का जिगर चेरा,मगर ये चश्म-ए-हैराँ जिस की हैरानी नहीं जाती| फ़ैज़ अहमद फ़ैज़

←Previous Page
1 … 351 352 353 354 355 … 1,447
Next Page→

Blog at WordPress.com.

Privacy & Cookies: This site uses cookies. By continuing to use this website, you agree to their use.
To find out more, including how to control cookies, see here: Cookie Policy
  • Subscribe Subscribed
    • SamaySakshi
    • Join 1,131 other subscribers.
    • Already have a WordPress.com account? Log in now.
    • SamaySakshi
    • Subscribe Subscribed
    • Sign up
    • Log in
    • Report this content
    • View site in Reader
    • Manage subscriptions
    • Collapse this bar