Skip to content

SamaySakshi

A sky full of cotton beads like clouds

    • 81. सरेआम अमानवीयता
    • Activity
    • Members
    • Sample Page
    • Sample Page
    • Sample Page
    • About
    • Contact
  • 18th Sep 2025

    सारी तहरीरें मिटीं!

    बरसात में दीवार-ओ-दर की सारी तहरीरें मिटीं,धोया बहुत मिटता नहीं तक़दीर का लिक्खा हुआ| बशीर बद्र

  • 18th Sep 2025

    दिल की हवेली का!

    अनमोल मोती प्यार के दुनिया चुरा कर ले गई,दिल की हवेली का कोई दरवाज़ा था टूटा हुआ| बशीर बद्र

  • 18th Sep 2025

    वक़्त तो हर हाल में!

    प्रस्तुत है आज की रचना, आप सुधीजनों की सम्मति चाहूंगा- वक्त तो हर हाल में होता सिकंदर है, पर हमारी प्यास भीगहरा समंदर है। हम चले थे साथ लेकरचमकते पत्थर मनाते उत्सव चले हम अगम राहों पर,दर्द का हमसे रहा रिश्ता निरंतर है। कौन सा अब गीतगाना चाहते हैं हम,चल दिए पर कहाँ जाना चाहते…

  • 17th Sep 2025

    उसको पाने के लिए!

    मंदिर गए मस्जिद गए पीरों फ़क़ीरों से मिले, इक उस को पाने के लिए क्या क्या किया क्या क्या हुआ| बशीर बद्र

  • 17th Sep 2025

    आसमान धुनिये के छप्पर सा-मेरा नवगीत-वीडिओ

    https://photos.app.goo.gl/UaoeoZewjNMnRmKq7 आज अपना एक नवगीत अपने स्वर में शेयर कर रहा हूँआशा है आपको पसंद आएगा।धन्यवाद

  • 17th Sep 2025

    हर चीज़ है बाज़ार में!

    हर चीज़ है बाज़ार में इस हाथ दे उस हाथ ले,इज़्ज़त गई शोहरत मिली रुस्वा हुए चर्चा हुआ| बशीर बद्र

  • 17th Sep 2025

    शायद उसे भी ले गए!

    शायद उसे भी ले गए अच्छे दिनों के क़ाफ़िले,इस बाग़ में इक फूल था तेरी तरह हँसता हुआ| बशीर बद्र

  • 17th Sep 2025

    लफ़्ज़ ग़ुंचे की तरह!

    अब इन दिनों मेरी ग़ज़ल ख़ुशबू की इक तस्वीर है,हर लफ़्ज़ ग़ुंचे की तरह खिल कर तिरा चेहरा हुआ| बशीर बद्र

  • 17th Sep 2025

    आँखें मिरी भीगी हुई!

    शबनम के आँसू फूल पर ये तो वही क़िस्सा हुआ,आँखें मिरी भीगी हुई चेहरा तिरा उतरा हुआ| बशीर बद्र

  • 17th Sep 2025

    चाँद में कैसे हुई क़ैद!

    चाँद में कैसे हुई क़ैद किसी घर की ख़ुशी,ये कहानी किसी मस्जिद की अज़ाँ से सुनिए| निदा फ़ाज़ली

←Previous Page
1 … 302 303 304 305 306 … 1,527
Next Page→

Blog at WordPress.com.

Privacy & Cookies: This site uses cookies. By continuing to use this website, you agree to their use.
To find out more, including how to control cookies, see here: Cookie Policy
  • Subscribe Subscribed
    SamaySakshi
    Join 1,136 other subscribers.

    Have a WordPress.com account? Log in now.

  • SamaySakshi
    View site in Reader
    Manage subscriptionsSign upLog in
    Report this content
    Collapse this bar