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ट्राम में एक याद!
आज मैं श्रेष्ठ हिंदी कवि श्री ज्ञानेंद्रपति की एक कविता शेयर कर रहा हूँ| इनकी रचनाएं मैंने पहले शेयर नहीं की हैं। लीजिए आज प्रस्तुत है श्री ज्ञानेंद्रपति जी की यह कविता – चेतना पारीक कैसी हो?पहले जैसी हो?कुछ-कुछ ख़ुुशकुछ-कुछ उदासकभी देखती तारेकभी देखती घासचेतना पारीक, कैसी दिखती हो?अब भी कविता लिखती हो? तुम्हें मेरी…
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गर्मियां!
आज मैं श्रेष्ठ हिंदी कवि स्वर्गीय त्रिनेत्र जोशी जी की एक कविता शेयर कर रहा हूँ| त्रिनेत्र जी की रचनाएं मैंने पहले शेयर नहीं की हैं। लीजिए आज प्रस्तुत है स्वर्गीय त्रिनेत्र जोशी जी की यह कविता – गुमसुम से इस मौसम मेंजब नहीं आती हवाएँसूखे होंठों वाली पत्तियाँबार-बार चोंचें खोलती चिड़ियाएँहरियाली पर लगी फफूँद…