Skip to content

SamaySakshi

A sky full of cotton beads like clouds

    • 81. सरेआम अमानवीयता
    • Activity
    • Members
    • Sample Page
    • Sample Page
    • Sample Page
    • About
    • Contact
  • 21st Jun 2025

    फिर जवाँ हो जाएँ!

    फिर जवाँ हो जाएँ दिल की हसरतेंकुछ न कुछ ऐ हमनशीं ऐसा करें । हंसराज रहबर

  • 21st Jun 2025

    उनकी फ़ितरत है!

    उनकी फ़ितरत है कि वे धोखा करेंहम पे लाज़िम है कि हम सोचा करें । हंसराज रहबर

  • 21st Jun 2025

    जिनको समझा था!

    शक्ल-सूरत से आदमी थे वो,जिनको समझा था आदमी हमने । हंसराज रहबर

  • 21st Jun 2025

    ख़ूब देखी है वह!

    जिसमें नफ़रत भरी जहालत थी,ख़ूब देखी है वह हँसी हमने । हंसराज रहबर

  • 21st Jun 2025

    ज़ख़्म पर जो नमक!

    ज़ख़्म पर जो नमक छिड़कते थे,उनसे कर ली थी दोस्ती हमने । हंसराज रहबर

  • 21st Jun 2025

    सच के बदले मिली!

    सच के बदले मिली जो बदनामी,वो भी झेली ख़ुशी-ख़ुशी हमने । हंसराज रहबर

  • 21st Jun 2025

    ख़मोश थी महफ़िल!

    लब सिले थे ख़मोश थी महफ़िल,अनकही बात तब कही हमने । हंसराज रहबर

  • 21st Jun 2025

    जी है जुगनू-सी !

    जी है जुगनू-सी ज़िंदगी हमने,दी अँधेरों को रोशनी हमने । हंसराज रहबर

  • 21st Jun 2025

    सच मुझे लिखना है!

    ता-कि महफ़ूज़ रहे मेरे क़लम की हुरमत,सच मुझे लिखना है मैं हुस्न को सच लिक्खूंगा। शहरयार

  • 21st Jun 2025

    दूसरा दर्जा!

    आज मैं श्रेष्ठ हिंदी कवि श्री हेमंत शेष जी की एक कविता शेयर कर रहा हूँ| हेमंत जी की रचनाएं मैंने पहले शेयर नहीं की हैं। लीजिए आज प्रस्तुत है श्री हेमंत शेष जी की यह कविता – दोपहर का वक़्त था वहपर ठीक दोपहर जैसा नहीं,नदी जैसी कोई चीज़ भागती हुई खिड़की से बाहरसूख…

←Previous Page
1 … 301 302 303 304 305 … 1,447
Next Page→

Blog at WordPress.com.

Privacy & Cookies: This site uses cookies. By continuing to use this website, you agree to their use.
To find out more, including how to control cookies, see here: Cookie Policy
  • Subscribe Subscribed
    • SamaySakshi
    • Join 1,131 other subscribers.
    • Already have a WordPress.com account? Log in now.
    • SamaySakshi
    • Subscribe Subscribed
    • Sign up
    • Log in
    • Report this content
    • View site in Reader
    • Manage subscriptions
    • Collapse this bar