-
अंधियारे सपनों के संग जिए!
आज मैं अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से एक कवि मित्र का गीत शेयर कर रहा हूँ जो मैंने लगभग 45 वर्ष पहले सुना था। गीत रिकॉर्ड करते समय मैं एक पंक्ति सही नहीं बोल पाया था, वह थी ‘ शहनाई को तरुण हृदय के क्रंदन बांट दिए, गजरे तारों वाले भुला दिए’। लीजिए आज…
-
दिल की बातें!
प्रस्तुत है आज का यह गीत, आप सुधीजनों की सम्मति चाहूंगा- कितने पिछड़े हो तुम प्रियअब भी दिल की बातें करते हो, यह सारा जग है विनिमय काकेवल बुद्धि यहाँ चलती है,यहाँ सभी को दिलवालों की बुद्धिहीनता ही खलती है, किस दुनिया में रहते हो तुमकिस जग में विचरण करते हो। मंडी लगी यहाँ उन्नति…