Skip to content

SamaySakshi

A sky full of cotton beads like clouds

    • 81. सरेआम अमानवीयता
    • Activity
    • Members
    • Sample Page
    • Sample Page
    • Sample Page
    • About
    • Contact
  • 14th Oct 2025

    इंसाँ इंसाँ बनेगा कब!

    वही है वहशत, वही है नफ़रत आख़िर इस का क्या है सबब,इंसाँ इंसाँ बहुत रटा है इंसाँ इंसाँ बनेगा कब| अली सरदार जाफ़री

  • 14th Oct 2025

    फाँसियाँ उगती रहीं!

    फाँसियाँ उगती रहीं ज़िंदाँ उभरते ही रहे,चंद दीवाने जुनूँ के ज़मज़मे गाते रहे| अली सरदार जाफ़री

  • 14th Oct 2025

    आरिज़ पे लहराते रहे!

    जिस क़दर बढ़ता गया ज़ालिम हवाओं का ख़रोश,उस के काकुल* और भी आरिज़ पे लहराते रहे|*ज़ुल्फ की लट अली सरदार जाफ़री

  • 14th Oct 2025

    रहबरों की भूल थी!

    रहबरों की भूल थी या रहबरी का मुद्दआ’,क़ाफ़िलों को मंज़िलों के पास भटकाते रहे| अली सरदार जाफ़री

  • 14th Oct 2025

    शहरयार-ओ-हुक्मराँ!

    कारवान-ए-हिम्मत-ए-जम्हूर बढ़ता ही गया,शहरयार-ओ-हुक्मराँ आते रहे जाते रहे| अली सरदार जाफ़री

  • 14th Oct 2025

    आँधियाँ चलती रहें!

    आँधियाँ चलती रहें अफ़्लाक थर्राते रहे,अपना परचम हम भी तूफ़ानों में लहराते रहे| अली सरदार जाफ़री

  • 14th Oct 2025

    रवां दवां थी सियासत में रंग भरते हुए!

    आज मैं अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से अपने एक पुराने कवि मित्र स्वर्गीय मिलाप चंद राही जी की एक रचना शेयर कर रहा हूँ, आशा है आपको पसंद आएगी – रवां दवां थी सियासत में रंग भरते हुए, लरज़ गई है ज़ुबां दिल की बात करते हुए। https://youtu.be/LFmQ-CJo Myg?si=y8TrRCEWxQubE2es धन्यवाद।

  • 14th Oct 2025

    कौन कहता है कि !

    आज मैं श्रेष्ठ हिंदी कवि स्वर्गीय बलबीर सिंह रंग जी की एक रचना प्रस्तुत कर रहा हूँ। रंग जी की बहुत सी रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं। लीजिए आज प्रस्तुत है स्वर्गीय बलबीर सिंह रंग जी का यह गीत – कौन कहता है कि पीछे जा रहा हूँ मैं?जो गये आगे उन्हीं से…

  • 13th Oct 2025

    मर गया सूरज!

    डूबते वक़्त ज़र्द था उतना,लोग समझे कि मर गया सूरज| जावेद अख़्तर

  • 13th Oct 2025

    सँवर गया सूरज!

    चाँदनी अक्स चाँद आईना, आइने में सँवर गया सूरज| जावेद अख़्तर

←Previous Page
1 … 280 281 282 283 284 … 1,526
Next Page→

Blog at WordPress.com.

Privacy & Cookies: This site uses cookies. By continuing to use this website, you agree to their use.
To find out more, including how to control cookies, see here: Cookie Policy
  • Subscribe Subscribed
    SamaySakshi
    Join 1,136 other subscribers.

    Have a WordPress.com account? Log in now.

  • SamaySakshi
    View site in Reader
    Manage subscriptionsSign upLog in
    Report this content
    Collapse this bar