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जल-थल नहीं होते!
शाइस्तगी-ए-ग़म के सबब आँखों के सहरा,नमनाक तो हो जाते हैं जल-थल नहीं होते| अहमद फ़राज़
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कुछ मुश्किलें ऐसी हैं!
कुछ मुश्किलें ऐसी हैं कि आसाँ नहीं होतीं,कुछ ऐसे मुअम्मे हैं कभी हल नहीं होते| अहमद फ़राज़
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अंदर की फ़ज़ाओं के!
अंदर की फ़ज़ाओं के करिश्मे भी अजब हैं,मेंह टूट के बरसे भी तो बादल नहीं होते| अहमद फ़राज़
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ऐसा है कि सब ख़्वाब!
ऐसा है कि सब ख़्वाब मुसलसल नहीं होते,जो आज तो होते हैं मगर कल नहीं होते अहमद फ़राज़
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तुम्हारी भी जै जै!
अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज मैं दीवाना फिल्म के लिए मुकेश जी का गाया यह गीत अपने स्वर में प्रस्तुत कर रहा हूँ- तुम्हारी भी जै जै, हमारी भी जै जै, न तुम हारे न हम हारे! आशा है आपको यह पसंद आएगाधन्यवाद।
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आश्ना के नाम से!
‘फ़ैज़’ उन को है तक़ाज़ा-ए-वफ़ा हम से जिन्हें,आश्ना के नाम से प्यारा है बेगाने का नाम| फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
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एक बिरहमन ने कहा है कि !
अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से, नववर्ष के अवसर पर आज मैं मिर्ज़ा ग़ालिब जी की एक नज़्म प्रस्तुत कर रहा हूँ- एक बिरहमन ने कहा है कि ये साल अच्छा है! आशा है आपको ये पसंद आएगा, धन्यवाद । *****
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इब्तिदा नए साल की!
नया साल 2026 शुरू हो गया, आज पहला दिन है नए साल का, आप सभी को नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं। नई शुरुआत में आशाएं भी होती हैं और आशंकाएं भी, बेहतर है कि हम अपनी आशाओं को मजबूत करें। नए लक्ष्य निर्धारित करें और योजना बनाकर उनको हासिल करने का प्रयास करें। नए साल के…
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तुम कोई अच्छा सा!
हम से कहते हैं चमन वाले ग़रीबान-ए-चमन, तुम कोई अच्छा सा रख लो अपने वीराने का नाम| फ़ैज़ अहमद फ़ैज़
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रिंद का साक़ी का!
मोहतसिब की ख़ैर ऊँचा है उसी के फ़ैज़ से,रिंद का साक़ी का मय का ख़ुम का पैमाने का नाम| फ़ैज़ अहमद फ़ैज़