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अपने बच्चों की तरफ़!
मौत को हम ने कभी कुछ नहीं समझा मगर आज,अपने बच्चों की तरफ़ देख के डर जाते हैं| शकील जमाली
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लोग कहते हैं कि !
लोग कहते हैं कि इस खेल में सर जाते हैं,इश्क़ में इतना ख़सारा है तो घर जाते हैं| शकील जमाली
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श्रीराम स्तुति
प्रभु श्रीराम की स्तुति में कुछ पंक्तियां बहुत पहले लिखी थीं, अभी तक जैसी याद रहीं, प्रस्तुत हैं- चिंतन, शील, दया-करुणा जो हर ले भव-बाधा, जीवन का आदर्श राम तेरी यह मर्यादा। दीनबंधु तुम ही भव सागर तारणहारे हो, हो अशरण की शरण निबल के सबल सहारे हो। तुम बिन जीवन की घाटी में केवल…