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श्रीराम स्तुति
प्रभु श्रीराम की स्तुति में कुछ पंक्तियां बहुत पहले लिखी थीं, अभी तक जैसी याद रहीं, प्रस्तुत हैं- चिंतन, शील, दया-करुणा जो हर ले भव-बाधा, जीवन का आदर्श राम तेरी यह मर्यादा। दीनबंधु तुम ही भव सागर तारणहारे हो, हो अशरण की शरण निबल के सबल सहारे हो। तुम बिन जीवन की घाटी में केवल…