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A sky full of cotton beads like clouds

    • 81. सरेआम अमानवीयता
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  • 15th Oct 2021

    जैसे तुझको बनाया गया है मेरे लिए !

    आज फिर से मैं हम सबके प्यारे मुकेश जी का गाया एक और बहुत प्यारा और लोकप्रिय गीत शेयर कर रहा हूँ| कभी कभी खयाल आता है कि जो गीत हम अक्सर गुनगुनाते रहते हैं, शेयर करने के लिए उसका खयाल क्यों नहीं आता| आज मैं अमिताभ बच्चन जी, राखी जी और शशि कपूर जी…

  • 14th Oct 2021

    नादानी दे मौला!

    दो और दो का जोड़ हमेशा चार कहाँ होता है,सोच समझ वालों को थोड़ी नादानी दे मौला| निदा फाज़ली

  • 14th Oct 2021

    अच्छा किया जो आपने सपने चुरा लिए!

    स्वर्गीय डॉक्टर कुंवर बेचैन जी मेरे अग्रज और गुरु तुल्य रहे हैं| उनसे अनेक बार मिलने और उनका आशीर्वाद प्राप्त करने का अवसर प्राप्त हुआ था| बहुत सहज और सरल हृदय इंसान और सृजनशील गीतकार थे| लीजिए आज प्रस्तुत है डॉक्टर कुंवर बेचैन जी की एक – दो चार बार हम जो कभी हँस-हँसा लिए,सारे…

  • 13th Oct 2021

    सुदामा और बिल्लू बार्बर!

    तुलना करना अक्सर प्रासंगिक नहीं होता, लेकिन हमारी आदत है कि हम तुलना करते रहते हैं| वैसे यह बहुत सी बार चीजों, व्यक्तियों और परिस्थितियों को समझने में सहायक भी होती है| आज अचानक मन हुआ, दो व्यक्तियों की मित्रता की तुलना करने का| यद्यपि इनमें से एक को तो हम ईश्वर का दर्जा देते…

  • 12th Oct 2021

    मेरे क़ातिल ने कहीं जाम उछाले होंगे!

    . आज एक बार फिर से एक पुरानी ब्लॉग पोस्ट शेयर कर रहा हूँ | अभिव्यक्ति, कविता, शेर-ओ-शायरी, ये सब ऐसे काम नहीं है कि जब चाहा लिख लिया और उसमें गुणवत्ता भी बनी रहे। दो शेर याद आ रहे हैं इस संदर्भ में- हम पे दुखों के पर्बत टूटे, तब हमने दो-चार कहे, उसपे…

  • 11th Oct 2021

    ऐसा कभी होगा नहीं!

    स्वर्गीय रमानाथ अवस्थी जी अपने समय में हिन्दी काव्य मंच के एक प्रमुख हस्ताक्षर थे, जिन लोगों को गीत पढ़ने और सुनने का शौक है उनको हमेशा अवस्थी जी के नए गीत सुनने की भी लालसा रहती थी| अवस्थी जी के अनेक गीत मुझे प्रिय रहे हैं और मैंने शेयर भी किए हैं, जैसे एक…

  • 10th Oct 2021

    मैं दिया हूँ ऐसा जहान में!

    आज मैं हम सबके प्यारे मुकेश जी का गाया एक और बहुत प्यारा सा गीत शेयर कर रहा हूँ| आज का यह गीत फिल्म ‘उम्र क़ैद’ से है, इसका संगीत तैयार किया था इकबाल कुरैशी जी ने और इस गीत को लिखा था हसरत जयपुरी जी ने| कभी कभी हमें यह बहुत महत्वपूर्ण लगता है…

  • 9th Oct 2021

    समय के विष बुझे नाखून!

    सोम ठाकुर जी मेरे प्रिय हिन्दी कवियों में से एक हैं, मेरा सौभाग्य है कि एक श्रोता और एक आयोजक के रूप में भी मुझे उनसे अनेक बार मिलने का अवसर प्राप्त हुआ और मैंने उनके बहुत से गीत पहले भी शेयर किए हैं, राष्ट्र प्रेम, भाषा प्रेम, विशुद्ध प्रेम, कौन सा क्षेत्र है जिसमें…

  • 8th Oct 2021

    जैसे नाम तुम्हारा दिन!

    आज मैं एक बार फिर सूर्यभानु गुप्त जी की एक ग़ज़ल शेयर कर रहा हूँ| वैसे तो ग़ज़ल लिखने वाले बहुत सारे हैं, लेकिन कुछ होते हैं जो अपने अलग किस्म के मुहावरे, अभिव्यक्ति के सौन्दर्य के कारण पहचाने जाते हैं, सूर्यभानु गुप्त जी भी उनमें शामिल हैं| उनके कुछ शेर जो मुझे अक्सर याद…

  • 7th Oct 2021

    फिर कैसा घबराना!

    कल की तरह आज भी मैं, हम सबके प्यारे मुकेश जी और सुमन कल्याणपुर जी का गाया एक बहुत सुंदर युगल गीत शेयर कर रहा हूँ| जैसा मैंने कल भी कहा था, मुकेश जी ने अनेक बहुत प्यारे गीत लता जी के साथ गाए थे, जो उनको अपना बड़ा भाई मानती थीं, वहीं सुमन कल्याणपुर…

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