Skip to content

SamaySakshi

A sky full of cotton beads like clouds

    • 81. सरेआम अमानवीयता
    • Activity
    • Members
    • Sample Page
    • Sample Page
    • Sample Page
    • About
    • Contact
  • 19th Oct 2021

    दूर से देखता हूँ – रवीन्द्रनाथ ठाकुर

    आज प्रस्तुत है एक पुरानी ब्लॉग पोस्ट| आज मैं फिर से भारत के नोबल पुरस्कार विजेता कवि गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की एक और कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित जिस कविता का भावानुवाद है, उसे अनुवाद के बाद प्रस्तुत किया गया है। मैं अनुवाद के लिए अंग्रेजी…

  • 18th Oct 2021

    मैं नशे में हूँ 2

    ढल चुकी है रात कब की, उठ गई महफ़िल,मैं कहाँ जाऊं नहीं मेरी कोई मंजिल,दो क़दम मुश्किल है चलना मैं नशे में हूँ!

  • 18th Oct 2021

    मैं नशे में हूँ 1

    है ज़रा सी बात और छलके हैं कुछ प्याले,पर न जाने क्या कहेंगे ये जहां वाले,तुम बस इतना याद रखना, मैं नशे में हूँ!

  • 18th Oct 2021

    मैं नशे में हूँ!

    कल की यादें मिट चुकी हैं, दर्द भी है कम, अब ज़रा आराम से आ जा रहा है दम,कम है अब दिल का तड़पना, मैं नशे में हूँ!

  • 18th Oct 2021

    पढ़कर भी क्या होगा!

    हिन्दी नवगीत के एक सशक्त हस्ताक्षर स्वर्गीय कुमार शिव जी का एक गीत आज शेयर कर रहा हूँ| उनकी एक गीत पंक्ति जो मैंने कई बार अपने आलेखों में दोहराई है, वो है: फ्यूज बल्बों के अद्भुद समारोह में,रोशनी को शहर से निकाला गया| एक और काले कपड़े पहने हुए सुबह देखी,देखी हमने अपनी सालगिरह…

  • 17th Oct 2021

    दुनिया, जादू का खिलौना!

    बरसात का बादल तो, दीवाना है क्या जाने,किस राह से बचना है, किस छत को भिगोना है| निदा फाज़ली

  • 17th Oct 2021

    मतवाली नार!

    एक बार फिर से मैं हम सबके प्यारे मुकेश जी का गाया एक और बहुत प्यारा गीत शेयर कर रहा हूँ जो राग मारू बिहाग पर आधारित है | फिल्म ‘एक फूल चार कांटे’ के लिए शैलेन्द्र जी के लिखे इस गीत को शंकर जयकिशन की सुरीली जोड़ी के संगीत निर्देशन में मुकेश जी ने…

  • 16th Oct 2021

    वो घर बदल लिया है!

    एक पुराने दुख ने पूछा , क्या तुम अभी वहीं रहते हो,उत्तर दिया चले मत आना, मैंने वो घर बदल लिया है! शिशुपाल सिंह ‘निर्धन’

  • 16th Oct 2021

    नीड़ का निर्माण फिर फिर!

    आज एक बार फिर से हिन्दी गीत काव्य के स्तंभ और कवि सम्मेलनों में श्रोताओं को झूमने के लिए मजबूर कर देने वाले विख्यात कवि और गीतकार स्वर्गीय हरिवंश राय बच्चन जी का एक प्रसिद्ध गीत शेयर कर रहा हूँ| बच्चन जी के बारे में कुछ बातें मैं पहले भी शेयर कर चुका हूँ, इस…

  • 15th Oct 2021

    हम जैसे हो जाएंगे!

    बच्चों के छोटे हाथों को, चांद सितारे छूने दो, चार किताबें पढ़कर ये भी हम जैसे हो जाएंगे | निदा फाज़ली

←Previous Page
1 … 1,378 1,379 1,380 1,381 1,382 … 1,524
Next Page→

Blog at WordPress.com.

Privacy & Cookies: This site uses cookies. By continuing to use this website, you agree to their use.
To find out more, including how to control cookies, see here: Cookie Policy
Loading Comments...
  • Subscribe Subscribed
    SamaySakshi
    Join 1,136 other subscribers.

    Have a WordPress.com account? Log in now.

  • SamaySakshi
    View site in Reader
    Manage subscriptionsSign upLog in
    Report this content
    Collapse this bar