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पीर एक पलती थी!
एक कविता, अंग्रेजी उपन्यास ‘थर्टीन रीज़ंस व्हाई’ पढने के बाद प्रतिक्रिया स्वरूप- हाँ हमारे बीच ही एक पीर पलती थी। सबसे बतियाती, सब अतिक्रमण सहा करती, जैसे भी हो, सबसे घुलमिल कर रहती थी, सहती थी जो कुछ भी बुरा लोग करते थे, बेचारी किससे क्या कुछ कह सकती थी। चली गई, छोडकर वृतांत दुखी…