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SamaySakshi

A sky full of cotton beads like clouds

    • 81. सरेआम अमानवीयता
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  • 22nd Feb 2026

    होश ओ हवास में!

    अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से मैं अपनी एक छोटी सी कविता प्रस्तुत कर रहा हूँ जिसमें बताया गया है कि नेतागण अपनी स्थिति के संबंध में कितने बेखबर रहते हैं- कोई तो आसपास हो, होश ओ हवास में! आशा है आपको यह पसंद आएगी,धन्यवाद। *****

  • 22nd Feb 2026

    तिरी महफ़िलों में हूँ!

    बदला न मेरे बाद भी मौज़ू-ए-गुफ़्तुगू,मैं जा चुका हूँ फिर भी तिरी महफ़िलों में हूँ| अहमद फ़राज़

  • 22nd Feb 2026

    या दिल की सुनो दुनिया वालो!

    अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज मैं, अपने स्वर में अनुपमा फिल्म के लिए हेमंत कुमार जी का अपने संगीत में गाया गीत प्रस्तुत कर रहा हूँ जिसे कैफी आज़मी जी ने लिखा था-या दिल की सुनो दुनिया वालो या मुझको अभी चुप रहने दो! आशा है आपको यह पसंद आएगा,धन्यवाद। ******

  • 22nd Feb 2026

    याँ लुट के भी वफ़ा के!

    तू लूट कर भी अहल-ए-तमन्ना को ख़ुश नहीं,याँ लुट के भी वफ़ा के इन्ही क़ाफ़िलों में हूँ| अहमद फ़राज़

  • 22nd Feb 2026

    मन है!

    आज एक बार फिर मैं श्रेष्ठ हिंदी कवि और नवगीत विधा के स्वर्णिम हस्ताक्षरों में से एक स्वर्गीय माहेश्वर तिवारी जी की एक रचना शेयर कर रहा हूँ। माहेश्वर जी की बहुत सी रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं। लीजिए आज प्रस्तुत है स्वर्गीय माहेश्वर तिवारी जी का यह नवगीत– आज गीतगाने का मन…

  • 21st Feb 2026

    कब से उदासियों के!

    ऐ यार-ए-ख़ुश-दयार तुझे क्या ख़बर कि मैं,कब से उदासियों के घने जंगलों में हूँ| अहमद फ़राज़

  • 21st Feb 2026

    उन्हीं गहराइयों में हूँ!

    तू आ चुका है सत्ह पे कब से ख़बर नहीं,बेदर्द मैं अभी उन्हीं गहराइयों में हूँ| अहमद फ़राज़

  • 21st Feb 2026

    मैं संग-ए-राह हूँ तो!

    मुझ से गुरेज़-पा है तो हर रास्ता बदलमैं संग-ए-राह हूँ तो सभी रास्तों में हूँ अहमद फ़राज़

  • 21st Feb 2026

    ऐसे ऐसे लोग रह गए-2

    अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज मैं मुकुट बिहारी सरोज जी की कल शेयर की गई व्यंग्य कविता का दूसरा भाग प्रस्तुत कर रहा हूँ- ऐसे ऐसे लोग रह गए-2 आशा है यह आपको पसंद आएगाधन्यवाद । ******

  • 21st Feb 2026

    तेरे क़रीब आ के!

    तेरे क़रीब आ के बड़ी उलझनों में हूँमैं दुश्मनों में हूँ कि तिरे दोस्तों में हूँ अहमद फ़राज़

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