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A sky full of cotton beads like clouds

    • 81. सरेआम अमानवीयता
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  • 23rd May 2018

    208. ज़िंदगी देने वाले सुन!

    आज एक पुराना गीत याद आ रहा है, जिसे मुझे मेरे एक पुराने मित्र और सहकर्मी- श्री चुन्नी लाल जी गाया करते थे। ये गीत बहुत पुरानी फिल्म- दिल-ए-नादां का है, जिसे शकील बदायुनी जी ने लिखा है और गुलाम मुहम्मद जी के संगीत निर्देशन में तलत महमूद जी ने गाया है। कुल मिलाकर फिल्मी…

  • 22nd May 2018

    71. इतना तो मेरे यार करो मैं नशे में हूँ!

    आज फिर से प्रस्तुत है, एक और पुराना ब्लॉग – जगजीत सिंह जी की गाई, शायर शाहिद कबीर की इस गज़ल के बहाने आज बात शुरू करेंगे- ठुकराओ अब कि प्यार करो, मैं नशे में हूँ जो चाहो मेरे यार करो, मैं नशे में हूँ। गिरने दो तुम मुझे, मेरा सागर संभाल लो, इतना तो…

  • 21st May 2018

    70. अस्पताल की टूटी टांग!

    आज स्वास्थ्य और इस बहाने स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में बात करेंगे। वैसे तो मुझे लगता है कि आज की तारीख में हिंदुस्तान में, और शायद दुनिया में, कोई बीमारी होनी ही नहीं चाहिए। अब लोग ‘फॉलो’ न करें तो अलग बात है वरना सोशल मीडिया पर, दुनिया में जितनी भी तक़लीफें या बीमारियां हैं,…

  • 20th May 2018

    69. अब जागना होगा हमें कब तक बता आवारगी!

    फिर से प्रस्तुत है, एक और पुराना ब्लॉग – आज एक बार फिर से लौटकर आवारगी पर आता हूँ, आवारगी की बात मैंने एक ब्लॉग में की और कहा कि आगे भी इस विषय में बात करूंगा, मुझे लगता कुछ और नामों को आवारगी के दायरे में डाल सकते हैं, जिनमें से एक शब्द ‘फकीरी’…

  • 19th May 2018

    207. राहत ना कहो उसको!

    वर्ष 1971 में एक फिल्म आई थी- अनुभव, मुख्य भूमिकाओं में थे- संजीव कुमार जी और तनूजा जी। निर्माता, निर्देशक- बासु भट्टाचार्य जी की यह फिल्म उनके कुशल निर्देशन, इसमें शामिल कलाकारों के शानदार अभिनय के लिए काफी प्रसिद्ध हुई थी। इस फिल्म के लिए मन्ना डे जी द्वारा, संगीतकार कनु रॉय की धुन पर…

  • 18th May 2018

    68. पहुंचा कौन शिखर पर!

    आज फिर से प्रस्तुत है, एक और पुराना ब्लॉग – एक विषय जिसके संबंध में बात करने का बहुत बार मन होता है, वह है टेलेंट की खोज से संबंधित प्रतियोगिताएं। अब वह गीत-संगीत हो, या नृत्य आदि हों सभी क्षेत्रों मे प्रतिभाओं की खोज के लिए प्रतियोगिताएं होती हैं। शुरू में इन प्रतियोगिताओं को…

  • 17th May 2018

    206. मैं वो परवाना हूँ, पत्थर को मोम कर दूं!

    Three Day Quote Challenge – Day 3 प्रेम विस्तार है, स्वार्थ संकुचन है, इसलिए प्रेम जीवन का सिद्धांत है। वह जो प्रेम करता है जीता है, वह जो स्वार्थी है मर रहा है। इसलिए प्रेम के लिए प्रेम करो, क्योंकि जीने का यही एक मात्र सिद्धांत है, वैसे ही जैसे कि तुम जीने के लिए…

  • 16th May 2018

    I just want to inform all my friends connected with me at samaysakshi.wordpress.com  that this account is going to close. You are requested  to keep in touch with me at my new address- samaysakshi.in Wish you all the best.   S.K.Sharma

  • 16th May 2018

    205. तू अपनी एक ठोकर में सौ इंक़लाब लेकर चल!

    Three Day Quote Challenge हम वो हैं जो हमें हमारी सोच ने बनाया है, इसलिए इस बात का धयान रखिए कि आप क्या सोचते हैं. शब्द गौण हैं| विचार रहते हैं, वे दूर तक यात्रा करते हैं – स्वामी विवेकानंद   थ्री डे चैलेंज के अंतर्गत ब्लॉग पोस्ट लिखने का आज दूसरा दिन है। शुरू…

  • 15th May 2018

    203. जो एक सपना अपनाए!

    Three Day Quote Challenge छोटे सपने देखना अपराध है- प्रो. ए.पी.जे.अब्दुल कलाम मुझे साथी ब्लॉगर अनामिका जी ने Three Day Quote Challenge के लिए नामित किया है, मैं अनामिका जी का आभारी हूँ और यह चुनौती स्वीकार करता हूँ। अनामिका जी बहुत सुंदर ब्लॉग लिखती हैं, जिनको  https://anamikaisblogging.wordpress.com  पर देखा जा सकता है। मैं चाहूंगा…

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