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87. आओ बच्चों तुम्हें दिखाएं झांकी हिंदुस्तान की!
लीजिए आज फिर से प्रस्तुत है, एक और पुरानी ब्लॉग पोस्ट- 2 अक्तूबर को भारत की दो महान विभूतियों की जयंती आती है, एक तो जिन्हें हम राष्ट्रपिता के नाम से जानते हैं और दूसरे भारत रत्न लाल बहादुर शास्त्री जी। इन महापुरुषों की जयंती प्रतिवर्ष देश मनाता है। राजनीति के क्षेत्र से ऐसे अनेक और…
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लंदन के कुछ चित्र
शुरू के दो चित्र जो छूट गए थे- ये हैं लंदन आई पृष्ठभूमि में और सामने हम- पति-पत्नी, और दूसरा लंदन में हमारे घर से दिखता थेम्स नदी और उसके पर ओ-2 कॉन्टिनेंटल होटल और ईवेंट प्लेस का दृश्य। दुबारा कष्ट देने के लिए क्षमा। नमस्कार। =========
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London Pics
आज के ब्लॉग में केवल लंदन के कुछ चित्र। ऊपर पृष्ठभूमि में ‘लंदन आई’ है जी और आगे तो हम पति-पत्नी है ना! उससे भी ऊपर हमारे घर से दिखने वाला थेम्स नदी और उसके पार ओ-2 इंटरकॉन्टिनेंटल होटल और ईवेंट प्लेस का दृश्य! यह थेम्स नदी के किनारे बना …
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212. थेम्स नदी और लंदन!
लंदन में वीक-एंड का दूसरा दिन रविवार, जब हम एक बार फिर से घूमने के लिए निकले, बस और ट्रेन से प्रारंभिक यात्रा करने के बाद हम पहुंचे ‘ग्रीनविच’ जो कि मेरिडियन लाइन पर स्थित है। मेरिडियन लाइन की रीडिंग के आधार पर ही जीएमटी (ग्रीनविच मीन टाइम) निर्धारित किया जाता है, दुनिया में हर…
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86. मैं चंद ख्वाब ज़माने में छोड़ आया था!
आज की ब्लॉग पोस्ट में, वर्तमान की बात ये कि आज लंदन में ग्रीनविच पॉइंट गए, जहाँ के आधार पर ग्रीनविच मीन टाइम (जीएमटी) निश्चित किया जाता है, उसके बाद क्रूज़ में घूमे, बहुत से स्थान देखे, उनके बारे में बाद में बात करेंगे,एक बात जिसका उल्लेख अवश्य करना चाहूंगा, हम रात 9 बजे के…
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211. ओल्डमैन्ज़ डे ऑउट इन लंदन!
जैसा मैंने पहले बताया था, हम एक माह के लिए लंदन आए हुए हैं, यहाँ थेम्स नदी के किनारे पर अपने बेटे-बहू के घर में रह रहे हैं, घर की एक तरफ जिधर थेम्स नदी बहती है, उधर कांच की ही दीवार, दरवाजा है, दिन भर नावें और छोटे-मोटे शिप दिखाई देते रहते हैं। नदी…
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85. ये दिल्ली है बाबू!
बिना किसी बहाने के, लीजिए आज फिर से प्रस्तुत है, एक और पुरानी ब्लॉग पोस्ट- दिल्ली में मेरा जन्म हुआ, 30 वर्ष की आयु तक मैं दिल्ली में ही रहा, शुरू की 2-3 नौकरियां भी वहीं कीं और सेवानिवृत्ति के बाद भी लगभग 7 वर्ष तक, दिल्ली के पास गुड़गांव में रहा। इसलिए कह सकता…
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210.जब मिलेगी, रोशनी मुझसे मिलेगी!
आज स्व. रामावतार त्यागी जी का एक गीत शेयर करने का मन हो रहा है। श्री त्यागी जी जुझारु किस्म के गीतकार थे, कवि का स्वाभिमान और आत्म सम्मान उनकी रचनाओं में खूब अभिव्यक्त होता है। इस गीत में भी उनकी पहचान के अनुरूप सशक्त और प्रभावी अभिव्यक्ति देखने को मिलती है। प्रस्तुत है श्री…
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84. जैसे सूरज की गर्मी से जलते हुए तन को, मिल जाए तरुवर की छाया !
नया दिन, नई जगह, जी हाँ लंदन में थेम्स नदी के किनारे का घर, जहाँ मुझे एक महीना रहना है। लेकिन काम वही पुराना, आज फिर से प्रस्तुत है, एक और पुरानी ब्लॉग पोस्ट- एनटीपीसी में अपनी सेवा के दौरान बहुत से सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन से जुड़ा रहा और इस सिलसिले में अनेक जाने-माने…
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83. काम नए नित गीत बनाना!
आज फिर से प्रस्तुत है, एक और पुरानी ब्लॉग पोस्ट, फर्क इतना है कि आज का यह ब्लॉग मैं लंदन में, थेम्स नदी के एक किनारे पर, मेरे बेटे-बहू के घर बैठकर शेयर कर रहा हूँ। घर में नदी की तरफ, दीवार के स्थान पर शीशे का दरवाजा और खिड़कियां हैं, जहाँ से वाटरबोट, छोटे-…