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कोयल से!
आज फिर से पुरानी पोस्ट का दिन है, लीजिए प्रस्तुत है यह पुरानी पोस्ट| आज मैं विख्यात अंग्रेजी कवि जॉन कीट्स की अंग्रेजी भाषा में लिखी गई एक और कविता के कुछ भाग का भावानुवाद और उसके बाद मूल अंग्रेजी कविता का वह भाग प्रस्तुत करने का प्रयास करूंगा। आज के लिए पहले प्रस्तुत है…
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तुम्हारी ये जवानी सलामत रहे!
एक गीत आज फिर से शेयर कर रहा हूँ मुकेश जी का | इस गीत को शेयर करने से पहले ऐसे ही एक शेर याद आ रहा है, वैसे इसका गीत से कोई संबंध नहीं है, ऐसे ही याद आया तो पेश कर रहा हूँ- गुज़रो जो बाग से तो दुआ मांगते चलो,जिसमें लगे हैं…
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बहारो थाम लो अब दिल!
आज फिर से एक बार मैं एक युगल गीत शेयर कर रहा हूँ, जिसे लता मंगेशकर जी और मुकेश जी ने गाया है| फिल्म – ‘नमस्ते जी’ के लिए यह गीत लिखा था अंजान साहब ने और इसका संगीत दिया था जी एस. कोहली जी ने| मुकेश जी और लता जी के बहुत से रोमांटिक…
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हाय हाय ये ज़ालिम ज़माना !
हिन्दी फिल्मों के गायकों के एक तरह से गुरु माने जाने वाले स्वर्गीय कुंदन लाल सहगल जी का गाया एक गीत आज शेयर कर रहा हूँ| एक समय था जब हर नया गायक ऊअनके गाने के ढंग की नकल करता था, यद्यपि आज वैसा कोई नहीं करता और आज वह स्वीकार्य भी नहीं होगा| मुकेश…
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मैं दीन हो जाता हूँ!
आज मैं हिन्दी के वरिष्ठ साहित्यकार, तारसप्तक के कवि और बातचीत के लहजे में श्रेष्ठ रचनाएं देने के लिए विख्यात, साहित्य अकादमी पुरस्कार सहित अनेक सम्मानों से विभूषित स्वर्गीय भवानी प्रसाद मिश्र जी की एक रचना शेयर कर रहा हूँ| इस रचना में भवानी दादा ने कुछ ऐसे मनोभाव व्यक्त किए हैं कि कई बार…
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बेरोज़गार हम!
डॉक्टर शांति सुमन जी हिन्दी की वरिष्ठ नवागीतकार हैं, बहुत वर्ष पहले शायद 1985 के आसपास झारखंड स्थित हिंदुस्तान कॉपर की परियोजना में आयोजित एक कवि सम्मेलन में गांव की स्थिति पर आधारित उनका नवगीत सुना था, जिसकी पंक्तियां थीं- थाली उतनी की उतनी ही, छोटी हो गई रोटी, कहती बड़की भौजी मेरे गांव की|…
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सौंदर्यपूर्ण अस्तित्व !
आज मैं विख्यात अंग्रेजी कवि जॉन कीट्स की अंग्रेजी भाषा में लिखी गई एक कविता के कुछ भाग का भावानुवाद और उसके बाद मूल अंग्रेजी कविता, जिसका मैंने अनुवाद किया है, उसको प्रस्तुत करने का प्रयास करूंगा। आज के लिए पहले प्रस्तुत है मेरे द्वारा किया गया कविता का भावानुवाद- जॉन कीट्स सौन्दर्यपूर्ण अस्तित्व सुंदरता…
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रास्ते का पत्थर!
आज मैं हम सबके प्रिय गायक मुकेश जी का गाया एक और गीत शेयर कर रहा हूँ| यह गीत फिल्म- ‘रास्ते की पत्थर’ का टाइटल सांग है और इसे अमिताभ बच्चन जी पर फिल्माया गया है| आनंद बक्षी जी के लिखे इस गीत का संगीत लक्ष्मीकांत प्यारेलाल जी की जोड़ी ने तैयार किया है और…
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तू भी सो जा, सो गई रंग भरी शाम!
आज जनकवि शैलेन्द्र जी का लिखा एक गीत शेयर कर रहा हूँ| अभी 30 अगस्त को ही उनकी जन्मतिथि थी| शैलेन्द्र जी राजकपूर जी की टीम में थे और उन्होंने उनकी फिल्मों के लिए और अन्य कलाकारों के लिए भी अनेक यादगार गीत लिखे| शैलेन्द्र एक ऐसे सृजनशील रचनाकार थे जिनको फिल्मी दुनिया की चकाचौंध…