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मेरे हमसफ़र
आज फिर से मैं मुकेश जी और लता मंगेशकर जी के गाये एक युगल गीत के बोल प्रस्तुत कर रहा हूँ, जो कि आनंद बख्शी जी ने लिखे थे| फिल्म ‘मेरे हमसफ़र’ के लिए इसका संगीत तैयार किया था कल्याणजी आनंदजी की संगीतमय जोड़ी ने| लीजिए प्रस्तुत है लता मंगेशकर जी और मुकेश जी के…
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अब शम्मा ज़लाता क्या है!
मर गए प्यास के मारे तो उठा अब्र-ए-करम,बुझ गयी बज़्म तो अब शम्मा ज़लाता क्या है|