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कुछ ग़ैरत ज़ियादा थी!
बुलंदी के लिए बस अपनी ही नज़रों से गिरना था,हमारी कम-नसीबी हम में कुछ ग़ैरत ज़ियादा थी| राजेश रेड्डी
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हैरत ज़ियादा थी!
तअज्जुब में तो पड़ता ही रहा है आइना अक्सर,मगर इस बार उस की आँखों में हैरत ज़ियादा थी| राजेश रेड्डी
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दाता एक राम-1
अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से मैं अपने स्वर में स्वर्गीय अल्हड बीकानेरी जी की एक हास्य कविता का पहला भाग प्रस्तुत कर रहा हूँ जो एक प्रसिद्ध भजन पर आधारित है- दाता एक राम, भिखारी सारी दुनिया-1 आशा है आपको यह पसंद आएगा, धन्यवाद। ******
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जो तेरा हो गया !
ज़माने भर के लोगों को किया है मुब्तला तू ने,जो तेरा हो गया तू भी उसी का क्यूँ नहीं होता| राजेश रेड्डी
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हमेशा तंज़ करते हैं!
हमेशा तंज़ करते हैं तबीअत पूछने वाले,तुम अच्छा क्यूँ नहीं करते मैं अच्छा क्यूँ नहीं होता| राजेश रेड्डी
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ये प्याला प्रेम का प्याला – पूरा गीत
अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से मैंने पहले, अपने स्वर में श्री सोम ठाकुर जी के प्रसिद्ध गीत ‘ये प्याला प्रेम का प्याला है’ के कुछ अंश शेयर किए थे, अब मैं पूरा गीत एक साथ प्रस्तुत कर रहा हूँ- आशा है आपको यह पसंद आएगा,धन्यवाद। ********
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कुछ सूत्र जो किसान बाप ने बेटे को दिए!
आज एक बार फिर मैं श्रेष्ठ हिंदी कवि स्वर्गीय केदारनाथ सिंह जी की एक रचना शेयर कर रहा हूँ। इनकी बहुत सी रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं। लीजिए आज प्रस्तुत है स्वर्गीय केदारनाथ सिंह जी की यह कविता– मेरे बेटेकुँए में कभी मत झाँकनाजानापर उस ओर कभी मत जानाजिधर उड़े जा रहे होंकाले-काले…
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जहाँ में यूँ तो होने को !
जहाँ में यूँ तो होने को बहुत कुछ होता रहता है,मैं जैसा सोचता हूँ कुछ भी वैसा क्यूँ नहीं होता| राजेश रेड्डी
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इस्तरी- हास्य कविता
अपने यूट्यूब चैनल के माध्यम से मैं स्वर्गीय जैमिनी हरियाणवी जी की छोटि सी शुद्ध हास्य की कविता प्रस्तुत कर रहा हूँ- आशा है आपको पसंद आएगी,धन्यवाद। *******