Skip to content

SamaySakshi

A sky full of cotton beads like clouds

    • 81. सरेआम अमानवीयता
    • Activity
    • Members
    • Sample Page
    • Sample Page
    • Sample Page
    • About
    • Contact
  • 29th Nov 2022

    काँटों से दोस्ती कर ली!

    मिले न फूल तो काँटों से दोस्ती कर ली, इसी तरह से बसर हम ने ज़िंदगी कर ली| कैफ़ी आज़मी

  • 29th Nov 2022

    विदागीत!

    आज मैं आधुनिक हिन्दी कविता के श्रेष्ठ कवि श्री अशोक वाजपेयी जी की एक कविता शेयर कर रहा हूँ| वाजपेयी जी की कुछ रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं| लीजिए आज प्रस्तुत है श्री अशोक वाजपेयी जी की यह कविता– भागते हैं,छूटते ही जा रहे हैं पेड़पीपल-बेर-बरगद-आम के,बिछुड़ती पग-लोटती घासें,खिसकती ही जा रही हैंरेत…

  • 28th Nov 2022

    जंगल काफ़ी है वहशत के लिए!

    बे-हिस दीवारों का जंगल काफ़ी है वहशत के लिए, अब क्यूँ हम सहरा को जाएँ अब वैसे हालात कहाँ| राही मासूम रज़ा

  • 28th Nov 2022

    देखी थी कोई बरसात कहाँ!

    मेरी आबला-पाई* उनमें याद अक्सर की जाती है, काँटों ने इक मुद्दत से देखी थी कोई बरसात कहाँ|*पैर के छाले राही मासूम रज़ा

  • 28th Nov 2022

    फिर ये फ़ुर्सत के लम्हात कहाँ!

    ऐ आवारा यादो फिर ये फ़ुर्सत के लम्हात कहाँ, हमने तो सहरा में बसर की तुमने गुज़ारी रात कहाँ| राही मासूम रज़ा

  • 28th Nov 2022

    दीवाने हैं सहरा से चले आए हैं!

    इस बयाबान-ए-दर-ओ-बाम में क्या रक्खा है, हम ही दीवाने हैं सहरा से चले आए हैं| राही मासूम रज़ा

  • 28th Nov 2022

    जो अक्सर हमें याद आए हैं!

    हाँ उन्हीं लोगों से दुनिया में शिकायत है हमें, हाँ वही लोग जो अक्सर हमें याद आए हैं| राही मासूम रज़ा

  • 28th Nov 2022

    किसी शख़्स के हाथ आए हैं!

    याद जिस चीज़ को कहते हैं वो परछाईं है, और साए भी किसी शख़्स के हाथ आए हैं| राही मासूम रज़ा

  • 28th Nov 2022

    ढूँढ ले तू भी किसी दीवाने को!

    ज़िंदगी ढूँढ ले तू भी किसी दीवाने को, उसके गेसू तो मिरे प्यार ने सुलझाए हैं| राही मासूम रज़ा

  • 28th Nov 2022

    ऐ अज़्म-ए-सफ़र हमको सँभाल!

    हम थके-हारे हैं ऐ अज़्म-ए-सफ़र हमको सँभाल, कहीं साया जो नज़र आया है घबराए हैं| राही मासूम रज़ा

←Previous Page
1 … 1,074 1,075 1,076 1,077 1,078 … 1,528
Next Page→

Blog at WordPress.com.

Privacy & Cookies: This site uses cookies. By continuing to use this website, you agree to their use.
To find out more, including how to control cookies, see here: Cookie Policy
  • Subscribe Subscribed
    SamaySakshi
    Join 1,132 other subscribers.

    Have a WordPress.com account? Log in now.

  • SamaySakshi
    View site in Reader
    Manage subscriptionsSign upLog in
    Report this content
    Collapse this bar