Category: Uncategorized
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छूटती जाए है पतवार!
सामने कोई भँवर है न तलातुम फिर भी,छूटती जाए है पतवार ये क़िस्सा क्या है| हस्तीमल हस्ती
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सिर्फ़ नफ़रत ही थी!
सिर्फ़ नफ़रत ही थी मेरे लिए जिन के दिल में,हो गए वो भी तरफ़-दार ये क़िस्सा क्या है| हस्तीमल हस्ती
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तुम भी ख़ामोश हो!
वो भी चुप-चाप है इस बार ये क़िस्सा क्या है,तुम भी ख़ामोश हो सरकार ये क़िस्सा क्या है| हस्तीमल हस्ती
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कारवां गुज़र गया-4
मेरे यूट्यूब चैनल के माध्यम से प्रस्तुत है मेरे स्वर में नीरज जी के इस प्रसिद्ध गीत का अगला भाग- कारवां गुज़र गया गुबार देखते रहे! आशा है आपको यह पसंद आएगाधन्यवाद । *****
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सरोवर है शवासन में !
आज मैं श्रेष्ठ हिंदी कवि स्वर्गीय ओम प्रभाकर जी की एक रचना शेयर कर रहा हूँ। ओम प्रभाकर जी की बहुत सी रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं। लीजिए आज प्रस्तुत है स्वर्गीय ओम प्रभाकर जी का यह नवगीत – सरोवर हैशवासन में ! हवा व्याकुलगंध कन्धों पर धरेवृक्ष तट केबौखलाहट से भरे ।मूढ़ता-सी…
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उस ने इस दर्जा रुलाया!
ख़ुद-ब-ख़ुद बे-साख़्ता मैं हँस पड़ा,उस ने इस दर्जा रुलाया देर तक| नवाज़ देवबंदी