Category: Uncategorized
-
हर कोई अपनी ही आवाज से!
मेरे यूट्यूब चैनल के माध्यम से प्रस्तुत है मेरे स्वर में ग़ुलाम अली जी का गाया एक और शेर-हर कोई अपनी ही आवाज से कांप उठता है!शायर- अहमद फराज गायक- ग़ुलाम अली आशा है आपको यह पसंद आएगा,धन्यवाद। *****
-
ख़ून-ए-जिगर होते तक!
आशिक़ी सब्र-तलब और तमन्ना बेताब,दिल का क्या रंग करूँ ख़ून-ए-जिगर होते तक| मिर्ज़ा ग़ालिब
-
आह को चाहिए इक उम्र!
आह को चाहिए इक उम्र असर होते तक,कौन जीता है तिरी ज़ुल्फ़ के सर होते तक| मिर्ज़ा ग़ालिब
-
कुछ बातें – कुछ गीत
मेरे यूट्यूब लाइव स्ट्रीम की प्रति प्रस्तुत है जिसमें मैंने मुकेश जी के कुछ गीतों के साथ श्रोताओं से संवाद किया है- आशा है आपको यह पसंद आएगा, धन्यवाद। ******
-
सुमन कल्याणपुर जी की याद!
सुमन कल्याणपुर जी एक श्रेष्ठ गायिका थीं, जिनका हिंदी फिल्मों में अमूल्य योगदान रहा है, इस लाइव प्रस्तुति में मैंने उनके कुछ गीतों के माध्यम से इस महान गायिका को याद किया है। आशा है आपको यह पसंद आएगा,धन्यवाद। ******
-
ये नयन डरे डरे!
मेरे यूट्यूब चैनल के माध्यम से प्रस्तुत है मेरे स्वर में यह गीत- ये नयन डरे डरे, ये जाम भरे भरे, जरा पीने दो!फिल्म- कोहरा मुख्य कलाकार- विश्वजीत, वहीदा रहमानगीतकार- कैफ़ी आज़मीसंगीतकार- हेमंत कुमार गायक- हेमंत कुमार प्रस्तुति- श्रीकृष्ण शर्मा आशा है आपको यह पसंद आएगा,धन्यवाद। ******
-
हम शंटिंग ट्रेन हो गए!
आज फिर से अपनी बहुत पुरानी एकदम शुरुआत की ब्लॉग पोस्ट दोहरा रहा हूँ, मई 2017 में मैंने ब्लॉग लिखना शुरू किया था तब की लिखी पोस्ट थी यह भी! पीताम्बर बुक डिपो में कुल मिलाकर मैं एक साल तक रहा, उसके बाद मैंने फैसला कर लिया कि अब यहाँ अधिक समय तक नहीं रहूंगा।…
-
क्या हुस्न है जमाल है!
क्या हुस्न है जमाल है क्या रंग-रूप है,वो भीड़ में भी जाए तो तन्हा दिखाई दे| कृष्ण बिहारी नूर
-
आँखें जो बंद हों तो!
कैसी अजीब शर्त है दीदार के लिए,आँखें जो बंद हों तो वो जल्वा दिखाई दे| कृष्ण बिहारी नूर
-
हम भी क्या सादा थे!
मेरे यूट्यूब चैनल के माध्यम से प्रस्तुत है मेरे स्वर में ग़ुलाम अली जी का गाया एक और शेर-हम भी क्या सादा थे हमने भी समझ रक्खा था!शायर- अहमद फराज गायक- ग़ुलाम अली आशा है आपको यह पसंद आएगा,धन्यवाद। ******