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नींद न टूटे दुआ करो!
उस तिश्ना-लब के नींद न टूटे दुआ करो,जिस तिश्ना-लब को ख़्वाब में दरिया दिखाई दे| कृष्ण बिहारी नूर
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क्यूँ आईना कहें उसे!
क्यूँ आईना कहें उसे पत्थर न क्यूँ कहें,जिस आईने में अक्स न उस का दिखाई दे| कृष्ण बिहारी नूर
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दरिया में यूँ तो होते हैं!
दरिया में यूँ तो होते हैं क़तरे ही क़तरे सब,क़तरा वही है जिस में कि दरिया दिखाई दे| कृष्ण बिहारी नूर
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जाने क्या तूने कही!
मेरे यूट्यूब चैनल के माध्यम से प्रस्तुत है मेरे स्वर में यह गीत- जाने क्या तूने कही, जाने क्या मैंने सुनी!फिल्म- प्यासा मुख्य कलाकार- गुरुदत्त, वहीदा रहमान गीतकार- साहिर लुधियानवी संगीतकार- सचिन देव बर्मन गायिका- गीता दत्त प्रस्तुति- श्रीकृष्ण शर्मा आशा है आपको यह पसंद आएगा,धन्यवाद। *****
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जाम छलकता दिखाई दे!
वो लब कि जैसे साग़र-ए-सहबा दिखाई दे,जुम्बिश जो हो तो जाम छलकता दिखाई दे| कृष्ण बिहारी नूर
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तीरगी हो तो वजूद!
तीरगी हो तो वजूद उस का चमकता है बहुत,ढूँड तो लूँगा उसे ‘नूर’ मगर शाम के बाद| कृष्ण बिहारी नूर
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मुद्दतों से यही आलम!
मेरे यूट्यूब चैनल के माध्यम से आज प्रस्तुत है मेरे स्वर में ग़ुलाम अली जी का गाया एक और शेर- मुद्दतों से यही आलम न तवक्को न उम्मीद!शायर- अहमद फराज गायक- ग़ुलाम अली आशा है आपको यह पसंद आएगा,धन्यवाद। ********
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यही मिलने का समय भी!
यही मिलने का समय भी है बिछड़ने का भी,मुझ को लगता है बहुत अपने से डर शाम के बाद| कृष्ण बिहारी नूर
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अपनी ख़बर शाम के बाद!
मेरे बारे में कोई कुछ भी कहे सब मंज़ूर,मुझ को रहती ही नहीं अपनी ख़बर शाम के बाद| कृष्ण बिहारी नूर
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कोई शजर शाम के बाद!
तुम न कर पाओगे अंदाज़ा तबाही का मिरी,तुम ने देखा ही नहीं कोई शजर शाम के बाद| कृष्ण बिहारी नूर