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हुए मर के हम जो रुस्वा!
हुए मर के हम जो रुस्वा हुए क्यूँ न ग़र्क़-ए-दरिया,न कभी जनाज़ा उठता न कहीं मज़ार होता| मिर्ज़ा ग़ालिब
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हेमंत कुमार जी की याद!
हेमंत कुमार जी हिंदी फिल्म जगत के एक प्रसिद्ध संगीतकार और गायक रहे हैं और उनका फिल्मी गीतों के माध्यम से बहुत महत्वपूर्ण योगदान रहा है, उनके स्वर में एक अलग ही गहनता थी जो उनके गीतों को विशेष बनाती थी। मेरे यूट्यूब लाइव स्ट्रीम में हेमंत कुमार जी की याद- उनके संगीतबद्ध किए और…
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मुझे क्या बुरा था मरना!
कहूँ किस से मैं कि क्या है शब-ए-ग़म बुरी बला है,मुझे क्या बुरा था मरना अगर एक बार होता| मिर्ज़ा ग़ालिब
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तुम्हें याद होगा!
मेरे यूट्यूब चैनल के माध्यम से प्रस्तुत है मेरे स्वर में यह गीत- तुम्हें याद होगा कभी हम मिले थे फिल्म- सट्टा बाजार मुख्य कलाकार- मीना कुमारी, बलराज साहनी गीतकार- गुलशन बावरा संगीतकार- कल्याणजी आनंदजी गायक- लता मंगेशकर, हेमंत कुमार प्रस्तुति- श्रीकृष्ण शर्मा आशा है आपको यह पसंद आएगा, धन्यवाद। ******
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वो जो इश्क था वो जुनून था!
मेरे यूट्यूब चैनल के माध्यम से प्रस्तुत है मेरे स्वर में राना सहरी जी का यह शेर-वो जो इश्क था वो जुनून था!गायक- जगजीत सिंह शायर- राना सहरी आशा है आपको यह पसंद आएगा, धन्यवाद। ******
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मेरी नई लाइव प्रस्तुति
प्रस्तुत है मेरी लाइव प्रस्तुति -गीतों का सफर मुकेश जी के साथ – 4 अक्तूबर मध्य रात्रि आशा है आपको यह पसंद आएगी, धन्यवाद। ******
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हम आपकी आँखों में !
आज प्रस्तुत है मेरे यूट्यूब चैनल के माध्यम से मेरे स्वर में यह गीत- हम आपकी आँखों में इस दिल को बसा दें तो! फिल्म- प्यासा मुख्य कलाकार- गुरुदत्त, माला सिन्हागीतकार- साहिर लुधियानवीसंगीतकार- सचिन देव बर्मन गायक- मोहम्मद रफ़ी, गीता दत्त प्रस्तुति- श्रीकृष्ण शर्मा आशा है आपको यह पसंद आएगा,धन्यवाद। *****
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सफर दरवेश है!
आज फिर से अपनी बहुत पुरानी एकदम शुरुआत की ब्लॉग पोस्ट दोहरा रहा हूँ, मई 2017 में मैंने ब्लॉग लिखना शुरू किया था तब की लिखी पोस्ट थी यह भी! दिल्ली में रहते हुए मैंने पीताम्बर बुक डिपो और दिल्ली प्रेस में दो प्राइवेट नौकरी की थीं और उसके बाद 6 वर्ष तक उद्योग मंत्रालय…
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कोई ग़म-गुसार होता!
ये कहाँ की दोस्ती है कि बने हैं दोस्त नासेह,कोई चारासाज़ होता कोई ग़म-गुसार होता| मिर्ज़ा ग़ालिब
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कोई दोस्त है ना रक़ीब है!
मेरे यूट्यूब चैनल के माध्यम से प्रस्तुत है मेरे स्वर में राना सहरी जी का शेर –कोई दोस्त है ना रक़ीब है!गायक- जगजीत सिंह शायर- राना सहरी आशा है आपको यह पसंद आएगा,धन्यवाद । *****