Category: Uncategorized
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नमी बढ़ जाएगी!
आप के हँसने से ख़तरा और भी बढ़ जाएगा, इस तरह तो और आँखों की नमी बढ़ जाएगी| मुनव्वर राना
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दुश्मनी बढ़ जाएगी!
इतनी चाहत से न देखा कीजिए महफ़िल में आप, शहर वालों से हमारी दुश्मनी बढ़ जाएगी| मुनव्वर राना
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ज़िंदगी बढ़ जाएगी!
मौत का आना तो तय है मौत आएगी मगर, आपके आने से थोड़ी ज़िंदगी बढ़ जाएगी| मुनव्वर राना
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रौशनी बढ़ जाएगी!
मुख़्तसर होते हुए भी ज़िंदगी बढ़ जाएगी, माँ की आँखें चूम लीजे रौशनी बढ़ जाएगी| मुनव्वर राना
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प्यार तुम्हें दे सकता हूँ!
आज एक बार फिर से मैं प्रसिद्ध राजनेता और कवि श्री उदय प्रताप सिंह जी की एक कविता शेयर कर रहा हूँ| जैसा मैंने पहले भी उल्लेख किया है उदय प्रताप जी एक श्रेष्ठ कवि होने के अलावा स्वर्गीय मुलायम सिंह जी के गुरू भी रहे हैं| उदय प्रताप जी की कुछ कविताएं मैंने पहले…
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ख़ता के बग़ैर भी!
हम बे-क़ुसूर लोग भी दिलचस्प लोग हैं, शर्मिंदा हो रहे हैं ख़ता के बग़ैर भी| मुनव्वर राना
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क़ज़ा के बग़ैर भी!
अब ज़िंदगी का कोई भरोसा नहीं रहा, मरने लगे हैं लोग क़ज़ा के बग़ैर भी| मुनव्वर राना
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वफ़ा के बग़ैर भी!
बरसों से इस मकान में रहते हैं चंद लोग, इक दूसरे के साथ वफ़ा के बग़ैर भी| मुनव्वर राना
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दुआ के बग़ैर भी!
साँसों का कारोबार बदन की ज़रूरतें, सब कुछ तो चल रहा है दुआ के बग़ैर भी| मुनव्वर राना