Category: Uncategorized
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गोरी बैठी छत्त पर!
हास्य व्यंग्य में छंदबद्ध कविता के दिग्गज कवि स्वर्गीय ओमप्रकाश आदित्य जी की एक रचना आज शेयर कर रहा हूँ| आदित्य जी की कुछ रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं| इस रचना का प्रसंग है कि एक नवयुवती छज्जे पर उदास बैठी है। उसकी मुख-मुद्रा देखकर लग रहा है कि जैसे वह छत से…
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सूरज की पेशी!
अपने समय में हिन्दी के एक प्रमुख कवि और बच्चों की पत्रिका ‘पराग’ के संपादक रहे स्वर्गीय कन्हैयालाल नंदन जी की एक रचना आज शेयर कर रहा हूँ| नंदन जी की कुछ रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं| लीजिए आज प्रस्तुत है स्वर्गीय कन्हैयालाल नंदन जी का यह नवगीत – आँखों में रंगीन नज़ारेसपने…