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मैडम तुसाद म्यूजियम!
लंदन प्रवास के दौरान इस शनिवार को हमने मैडम तुसाद को उपकृत किया| यहाँ पर जब नरेंद्र मोदी जी से लेकर शाहरुख खान, सचिन तेंदुलकर, ऐश्वर्य राय, कटरीना कैफ़ आदि-आदि भारतीय हस्तियाँ और विंस्टन चर्चिल, बराक ओबामा आदि अनेक विदेशी राजनेता, कलाकार, खिलाड़ी आ चुके हैं अथवा उनकी मोम की बनी मूर्तियाँ यहाँ मौजूद हैं…
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आज तक ये पता नहीं!
सर-ए-राह कुछ भी कहा नहीं कभी उसके घर मैं गया नहीं, मैं जनम जनम से उसी का हूँ उसे आज तक ये पता नहीं| बशीर बद्र
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चाँदनी का बिस्तर हो!
ये क्या कि रोज़ वही चाँदनी का बिस्तर हो, कभी तो धूप की चादर बिछा के सो लेते| बशीर बद्र
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इस तरफ़ भी हो लेते!
तुम्हारी राह में शाख़ों पे फूल सूख गए, कभी हवा की तरह इस तरफ़ भी हो लेते| बशीर बद्र
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उन्ही पत्थरों पे सो लेते!
अगर सफ़र में हमारा भी हम-सफ़र होता, बड़ी ख़ुशी से उन्ही पत्थरों पे सो लेते| बशीर बद्र
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उससे लिपट के रो लेते!
दुखों का बोझ अकेले नहीं सँभलता है, कहीं वो मिलता तो उससे लिपट के रो लेते| बशीर बद्र
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तन्हाइयों में रो लेते!
किसी की याद में पलकें ज़रा भिगो लेते, उदास रात की तन्हाइयों में रो लेते| बशीर बद्र
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वही दीवार जिसे!
सुब्ह होते ही उभर आती है सालिम होकर, वही दीवार जिसे रोज़ मैं मिस्मार करूँ| निदा फ़ाज़ली
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न बादल न हवा!
मिरे क़ब्ज़े में न मिट्टी है न बादल न हवा, फिर भी चाहत है कि हर शाख़ समर-बार करूँ| निदा फ़ाज़ली
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दर-ओ-दीवार करूँ!
पहले सोचूँ उसे फिर उसकी बनाऊँ तस्वीर, और फिर उसमें ही पैदा दर-ओ-दीवार करूँ| निदा फ़ाज़ली