Category: Uncategorized
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संक्रांति!
आज एक बार मैं हिन्दी के वरिष्ठ नवगीतकार श्री बुद्धिनाथ मिश्र जी का एक नवगीत शेयर कर रहा हूँ| मिश्र जी की कुछ रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं| लीजिए आज प्रस्तुत है श्री बुद्धिनाथ मिश्र जी का यह नवगीत – ढाल रही ख़ुद कोबल्लू की भाषा में दादी । खल में कूट-कूट शब्दों…
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क्या भाया!
आज एक बार मैं अपने समय के श्रेष्ठ कवि, संपादक और नाटक लेखक स्वर्गीय नेमिचन्द्र जैन जी की एक रचना शेयर कर रहा हूँ| आप अज्ञेय जी द्वारा संपादित ‘तारसप्तक’ के भी एक महत्वपूर्ण कवि थे| इनकी कुछ रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं| लीजिए आज प्रस्तुत है स्वर्गीय नेमिचन्द्र जैन जी की यह…