Category: Uncategorized
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हवा के रुख़ बदलने से
कोई नहीं है जो बतलाए मेरे लोगों को, हवा के रुख़ के बदलने से क्या ग़ज़ब होगा| शहरयार
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अभिवादन- रवींद्रनाथ ठाकुर
आज फिर से पुरानी ब्लॉग पोस्ट को दोहराने का दिन है, लीजिए प्रस्तुत है यह पोस्ट| आज, मैं फिर से भारत के नोबल पुरस्कार विजेता कवि गुरुदेव रवींद्र नाथ ठाकुर की एक और कविता का अनुवाद प्रस्तुत कर रहा हूँ। यह उनकी अंग्रेजी भाषा में प्रकाशित जिस कविता का भावानुवाद है, उसे अनुवाद के बाद…
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दोस्त यूँ तो सब होगा!
जहाँ में होने को ऐ दोस्त यूँ तो सब होगा, तिरे लबों पे मिरे लब हों ऐसा कब होगा| शहरयार
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जीवन से ले गया वो!
अब क्या है अर्थ-हीन सी पुस्तक है ज़िंदगी, जीवन से ले गया वो कई दिन निकाल के| कृष्ण बिहारी नूर
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मौसम दो ही इश्क़ के!
मौसम हैं दो ही इश्क़ के सूरत कोई भी हो, हैं उस के पास आइने हिज्र-ओ-विसाल के| कृष्ण बिहारी नूर
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गिरे ताड़ से!
आज मैं प्रसिद्ध हिन्दी नवगीत कवि नचिकेता जी का एक नवगीत शेयर कर रहा हूँ| इनकी रचनाएं शायद मैंने पहले शेयर नहीं की हैं| लीजिए आज प्रस्तुत है नचिकेता जी का यह नवगीत- गिरे ताड़ सेमगर बीच में हीखजूर पर हम अँटके।घर की झोल लगी दीवारों पर हैंचमगादड़ लटकेखूस गए हैं काठधरन, ओलती, दरवाज़े,चौखट केऔर…
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सौदा जो करना!
पिछले जन्म की गाढ़ी कमाई है ज़िंदगी, सौदा जो करना करना बहुत देख-भाल के| कृष्ण बिहारी नूर