Category: Uncategorized
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दिल को क्या करूँ!
मैं ने तो होंट सी लिए इस दिल को क्या करूँबे-इख़्तियार तुम को पुकारा कभी कभी असर लखनवी
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विनय!
आज एक बार मैं श्रेष्ठ हिन्दी कवि और छायावाद युग के एक स्तंभ स्वर्गीय सुमित्रानंदन पंत जी की एक कविता शेयर कर रहा हूँ| पंत जी की अनेक रचनाएं मैंने पहले भी शेयर की हैं| लीजिए आज प्रस्तुत है स्वर्गीय सुमित्रानंदन पंत जी की यह कविता – मा! मेरे जीवन की हारतेरा मंजुल हृदय-हार हो,अश्रु-कणों…
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सिलसिला टूटा नहीं है!
जिस को भी चाहा उसे शिद्दत से चाहा है ‘फ़राज़’सिलसिला टूटा नहीं है दर्द की ज़ंजीर का अहमद फ़राज़
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इश्क़ में सर फोड़ना!
इश्क़ में सर फोड़ना भी क्या कि ये बे-मेहर लोग,जू*-ए-ख़ूँ को नाम दे देते हैं जू-ए-शीर का| *River अहमद फ़राज़