Category: Uncategorized
-
अस्पताल से वापसी!
आज एक सप्ताह तक अस्पताल में भर्ती रहने के बाद घर वापसी हो गई, टाइफाइड का बुखार जिसने पहले एक सप्ताह तक घर पर परेशान किया, बाद में टेस्ट कराने पर उसकी पुष्टि हुई अन्यथा शुरू में मैं इसको वायरल फीवर मानते हुए ही गंभीरता से नहीं ले रहा था| खैर बहुत दिनों से अस्पताल…
-
सच बोलकर दुश्मन कमाने चाहिएँ!
दोस्तों का क्या है वो तो यूँ भी मिल जाते हैं मुफ़्त, रोज़ इक सच बोलकर दुश्मन कमाने चाहिएँ| राजेश रेड्डी
-
आसमानों के ख़ज़ाने चाहिएँ!
कुछ परिंदों को तो बस दो चार दाने चाहिएँ, कुछ को लेकिन आसमानों के ख़ज़ाने चाहिएँ| राजेश रेड्डी
-
नामांकन!
आज फिर से मैं हमारे राष्ट्रकवि के रूप में सम्मान पाने वाले स्वर्गीय रामधारी सिंह ‘दिनकर’ जी की एक रचना शेयर कर रहा हूँ| दिनकर जी ने सामान्यतः लंबी लंबी कविताएं और काव्य लिखे हैं|लीजिए आज प्रस्तुत है स्वर्गीय स्वर्गीय रामधारी सिंह ‘दिनकर’ जी की प्रेम पर लिखी यह छोटी परंतु असरदार रचना – सिंधुतट…
-
राह के पत्थर तो हटाते जाते!
हम से पहले भी मुसाफ़िर कई गुज़रे होंगे, कम से कम राह के पत्थर तो हटाते जाते| राहत इन्दौरी
-
हँसते हैं मुझे देख के आते जाते!
मुझको रोने का सलीक़ा भी नहीं है शायद, लोग हँसते हैं मुझे देख के आते जाते| राहत इन्दौरी
-
मिरी प्यास बुझाते जाते!
मैं तो जलते हुए सहराओं का इक पत्थर था, तुम तो दरिया थे मिरी प्यास बुझाते जाते| राहत इन्दौरी
-
नए फूल खिलाते जाते!
रेंगने की भी इजाज़त नहीं हमको वर्ना, हम जिधर जाते नए फूल खिलाते जाते| राहत इन्दौरी
-
कोई ज़ख़्म लगाते जाते!
अब के मायूस हुआ यारों को रुख़्सत करके, जा रहे थे तो कोई ज़ख़्म लगाते जाते| राहत इन्दौरी