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कुछ चीज़ें होती हैं जो!
आज फिर से अज्ञेय जी की एक कविता शेयर कर रहा हूँ, अज्ञेय जी प्रयोगवाद और उसके बाद नई कविता के द्वार खोलने वाले प्रमुख कवि थे, साहित्य की सभी विधाओं में उनका प्रमुख योगदान था, उनका उपन्यास ‘शेखर एक जीवनी’ अदभुद था|लीजिए आज प्रस्तुत है स्वर्गीय सच्चिदानंद हीरानंद वात्स्यायन जी की यह कविता, जिनको…
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मिसाल में मिला मुझे!
तमाम इल्म ज़ीस्त का गुज़िश्तगाँ से ही हुआ, अमल गुज़िश्ता दौर का मिसाल में मिला मुझे| मुनीर नियाज़ी
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वो मलाल में मिला मुझे!
गया तो इस तरह गया कि मुद्दतों नहीं मिला, मिला जो फिर तो यूँ कि वो मलाल में मिला मुझे| मुनीर नियाज़ी
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जवाब भी, सवाल में मिला मुझे!
ख़याल जिसका था मुझे, ख़याल में मिला मुझे, सवाल का जवाब भी, सवाल में मिला मुझे| मुनीर नियाज़ी
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रे मन!
एक बार फिर से मैं आज भारतीय स्वाधीनता संग्राम को अपनी वाणी प्रदान करने वाले स्वर्गीय सोहन लाल द्विवेदी जी की एक कविता शेयर कर रहा हूँ| द्विवेदी जी की कई कविताएं मैं पहले भी शेयर कर चुका हूँ|लीजिए आज प्रस्तुत है स्वर्गीय सोहन लाल द्विवेदी जी की यह कविता – प्रबल झंझावत में तूबन…